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  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव विदेश प्रवास पर, लंदन में प्रवासी भारतीयों ने किया स्वागत

    भोपाल: 25 नवंबर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव राज्य में निवेशकों को निवेश के लिए लुभाने विदेशी प्रवास पर है। उनका लंदन पहुंचने पर प्रवासी भारतीयों ने स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव छह दिवसीय विदेशी प्रवास पर हैं। वे इस दौरान यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी में विभिन्न संस्थाओं और निवेशकों से मुलाकात करने वाले हैं। लंदन पहुंचने पर सीएम मोहन यादव का जोरदार स्वागत किया गया। यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोराई स्वामी और प्रवासी भारतीयों ने गर्मजोशी से स्वागत किया ।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार को वेस्टमिंस्टर स्थित ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे। किंग्स क्रॉस और पुनर्विकास स्थलों का दौरा करेंगे। लंदन में “फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश’’ प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित रात्रि-भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमें 400 से अधिक प्रवासी भारतीय सम्मिलित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपने प्रवास के दूसरे दिन 26 नवम्बर को ब्रेकफास्ट पर उद्योगपतियों एवं भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोरईस्वामी से संवाद करेंगे। सीएम इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में लगभग 120 प्रतिभागियों से चर्चा करेंगे। इसके बाद वह 27 नवंबर को वारविक यूनिवर्सिटी का भ्रमण करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव तीन दिवसीय यूके के दौरे के बाद जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। 28 नवंबर को बवेरिया राज्य सरकार के नेताओं और म्यूनिख में कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया से चर्चा करेंगे। ‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी‘ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमे लगभग 100 प्रतिनिधि शामिल होंगे।

    ज्ञात हो कि राज्य में अगले साल फरवरी माह में ग्लोबल समिट होने वाली है। इस आयोजन में देश और दुनिया के ज्यादा से ज्यादा निवेशक आएं, इसके प्रयास राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विविध आयोजन हो रहे हैं। राज्य के भीतर क्षेत्रीय स्तर पर आयोजन हो रहे हैं, राज्य के बाहर भी मुख्यमंत्री ने निवेशकों से संवाद किया, जिसमें निवेश के प्रस्ताव आए। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव विदेशी प्रवास पर हैं।

  • विधानसभा चुनाव में हार के बाद नाना पटोले ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

    विधानसभा चुनाव में हार के बाद नाना पटोले ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

    मुंबई: 25 नवंबर । महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी की हार के बाद नाना पटोले ने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी आलाकमान ने अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। पटोले का यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अबतक का सबसे खराब प्रदर्शन किया है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ एनडीए ने कांग्रेस पार्टी और महाविकास अघाड़ी को चुनाव में करारी शिकस्त दी है। कांग्रेस पार्टी ने राज्य में 103 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे सिर्फ 16 सीटें मिली।

    साकोली सीट से पार्टी के उम्मीदवार नाना पटोले ने सबसे कम अंतर से 208 वोटों से जीत दर्ज की। साकोली में उनकी जीत इस साल सबसे कम अंतर से जीती गई सीटों में शीर्ष तीन में शुमार है। यह नतीजे 2019 विधानसभा चुनावों के बिल्कुल उलट हैं, जब नाना पटोले ने साकोली में लगभग 8,000 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी।

    इस साल के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता चुनाव हार गए हैं। बालासाहेब थोराट, पृथ्वीराज चव्हाण, विजय वडेट्टीवार, यशोमति ठाकुर, माणिकराव ठाकरे जैसे दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है।

    2021 में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने वाले पटोले अपने नेतृत्व को लेकर मुखर रहे हैं। चुनाव परिणाम घोषित होने से दो दिन पहले पटोले ने यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया था कि कांग्रेस अगली महाविकास अघाड़ी सरकार का नेतृत्व करेगी। उनकी अगुवाई में 2024 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 सीटों पर जीत दर्ज की थी। लेकिन विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने कांग्रेस आलाकमान के सामने इस्तीफे की पेशकश की है।

    महायुति में भाजपा ने जहां 132 सीटें जीती है, वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पहला विधानसभा चुनाव लड़ रही शिवसेना ने 55 सीटें और अजित पवार की एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत दर्ज की।

  • मुस्लिमों को किया जा रहा टारगेट, दोबारा सर्वे की नहीं थी जरूरत : संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क

    नई दिल्ली: 25 नवंबर। यूपी के संभल जिले में रविवार को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा पर संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इस हिंसा को पूर्व नियोजित बताया है।

    सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह एक प्री-प्लान घटना है और अफसोस की बात यह है कि प्रदेश और देश के अंदर मुस्लिम समाज के लोगों को टारगेट करके काम किया जा रहा है। इससे ज्यादा बुरा हाल आजादी के बाद कभी नहीं हुआ होगा। जिस प्रकार से प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट का उल्लंघन किया जा रहा है। जब संसद ने 1991 में एक कानून बना दिया है कि 1947 से पहले के जितने भी धार्मिक स्थल अस्तित्व में है, उनके साथ किसी प्रकार की कोई छेड़खानी नहीं होगी, लेकिन इसके बावजूद जगह-जगह याचिकाएं दायर की जा रही हैं और उसी दिन आदेश भी दिए जा रहे हैं।”

    जियाउर्रहमान बर्क ने आगे कहा, “हमने इस मामले में शांतिपूर्वक सर्वे कराया, मगर जुमे की दिन बहुत सारे लोगों को नमाज पढ़ने से रोका गया। इतना ही नहीं, पुलिस बल की तैनाती भी की गई। इसके बावजूद हमने लोगों से कहा कि कोई कदम उठाने की जरूरत नहीं है और किसी दूसरी मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ें। हालांकि, जब एक बार सर्वे हो गया था तो दूसरी बार सर्वे की जरूरत क्यों आई? अगर उन्हें सर्वे कराना था तो वह कोर्ट का आदेश लेकर आते, लेकिन फिर भी उन्होंने सर्वे किया और जो लोग वहां पर थे तो उन्होंने जय श्री राम के नारे लगाए।”

    उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर रविवार को हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ। बवाल के बाद कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं। संभल में एक दिसंबर तक बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

  • केदारनाथ सीट पर कांग्रेस नहीं, बल्कि उत्तराखंड के सरोकारों की हार : हरीश रावत

    केदारनाथ: 25 नवंबर। उत्तराखंड की केदारनाथ विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने जीत दर्ज की है। केदारनाथ विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत के बाद कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि ये हार कांग्रेस की हार नहीं है बल्कि उत्तराखंड के सरोकारों की हार है। यह उन सवालों की हार है जो केदार भूमि स्वयं उठा रही थी। वो सवाल आम जनता के सवाल थे।

    हरीश रावत ने जनता को लेकर कहा कि चुनाव के बाद उत्तराखंडी सरोकारों की बात करेंगे। आप भू कानून, महिला सम्मान, पलायन, बेरोजगारी की बात करेंगे, लेकिन उनके लिए जो व्यक्ति खड़ा रहा, उसको आप चुनाव में हरा देंगे। मुझे इस बात की तकलीफ है कि उत्तराखंड किस दिशा में जा रहा है। हम लोगों से बात करेंगे और राजनीतिक दल के रूप में हमें भी अपना तरीका बदलना होगा और जनता का भरोसा जीतना होगा।

    केदारनाथ विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल को कुल 23,814 वोट मिले हैं। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत को 18,192 वोट मिले। आशा नौटियाल ने 5,622 वोटों से जीत हासिल की है। इस सीट पर नोटा को 834 वोट मिले।

    वहीं जीत हासिल करने के बाद आशा नौटियाल ने कहा था कि विकास के मुद्दों पर हम लोगों ने चुनाव लड़ा है। इस चुनाव में विपक्ष सिर्फ लोगों को भ्रमित करने का काम कर रहा था। विपक्ष कभी भी जनता के हित की बात करते हुए नजर नहीं आया। जबकि भाजपा ने सिर्फ विकास की बात की है। मैं सभी मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को तहे दिल से धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने विकास के मुद्दे पर भाजपा को जीत दिलाने में भूमिका निभाई है।

  • रोहित पवार ने की अजित पवार से मुलाकात, दोनों नेताओं के बीच देखने को मिला हंसी-मजाक

    मुंबई: 25 नवंबर। महाराष्ट्र के कराड में सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान शरदचंद्र गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के भतीजे रोहित पवार ने अजित पवार से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ही नेताओं के बीच हंसी मजाक का हल्का-फुल्का माहौल भी देखने को मिला। दोनों ही नेता अपने-अपने समर्थकों की ओर से घिरे हुए थे।

    इस बीच, जब रोहित पवार ने अजित पवार का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पैर छूए, तो अजित पवार ने मजाक में कहा कि अगर मेरी तरफ से वहां कोई भी सभा हुई होती, तो निश्चित तौर पर तुम हार जाते। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ और तुम बच गए। उनके इस बयान के बाद आसपास मौजूद लोगों की हंसी छूट गई और रोहित पवार भी अपनी हंसी रोक नहीं पाए।

    हालांकि, अजीत पवार के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई।

    बता दें कि रोहित पवार ने महाराष्ट्र की करजत जामखेड सीट से चुनाव लड़ा था। उन्हें भाजपा के राम शंकर शिंदे की तरफ से कड़ी टक्कर दी गई थी। उनकी जीत का मार्जिन महज 1200 वोट रहा। जिससे दोनों ही नेताओं के बीच कड़े मुकाबले का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

    चुनाव आयोग के मुताबिक, रोहित पवार को 1 लाख 27 हजार 676 वोट मिले। दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के उम्मीदवार प्रो. राम शंकर शिंदे को 1 लाख 26 हजार 433 लोगों ने वोट किया।

    उधर, तीसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार रोहित चंद्रकांत पवार रहे। उनको 3,489 वोट मिले। रोहित चंद्रकांत को ही ‘डमी कैंडीडेट’ के रूप में देखा जा रहा है।

    वहीं, अगर महाराष्ट्र की चुनावी स्थिति की बात करें, तो महायुति ने महाविकास अघाड़ी को चुनावी मैदान में पटखनी देकर अपने लिए सत्ता का मार्ग तैयार किया है। अब प्रदेश में इस बात को लेकर राजनीतिक बहस का सिलसिला शुरू हो चुका है कि मुख्यमंत्री पद की कमान किसे सौंपी जाएगी।

  • हर पीड़ित की समस्या का हो समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण: योगी

    गोरखपुर: 25 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से संवाद करते हुए कहा कि किसी को भी परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। हर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर सुनिश्चित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जाएगा।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं।

    आज सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 300 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे। एक-एक कर और इत्मीनान से सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।

    कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर योगी ने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए। जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी।

    गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। सोमवार प्रातःकाल शिवावतारगुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने, अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर मत्था टेकने के बाद सीएम योगी मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मंदिर की गोशाला में पहुंचे। यहां उन्होंने गोवंश के बीच समय बिताया और गोसेवा की। गोसेवा के दौरान उन्होंने सितंबर माह में आंध्र प्रदेश के येलेश्वरम स्थित गोशाला से गोरखनाथ मंदिर लाए गए नादिपथि मिनिएचर नस्ल (पुंगनूर नस्ल की नवोन्नत ब्रीड) के दो गोवंश भवानी और भोलू को खूब दुलारा तथा अपने हाथों से उन्हें चारा (बरसीम) खिलाया।

    मुख्यमंत्री ने अन्य गोवंश को भी खूब दुलारने के बाद उन्हें गुड़ खिलाया और गोशाला के भी कार्यकर्ताओं को देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए। मंदिर परिसर का भ्रमण करने के दौरान सीएम योगी जब भीम सरोवर पर पहुंचे तो वहां बतखों का समूह विचरण कर रहा था। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से चारा खिलाकर बतखों पर भी स्नेह बरसाया।

  • प्रियंका ने भी संभल मामले में सर्वोच्च न्यायालय से की हस्तक्षेप की मांग

    लखनऊ: 25 नवंबर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद पर सर्वे को लेकर हुये बवाल को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना के लिये प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुये उच्चतम न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की है।

    इससे पहले समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने भी संभल की घटना पर चिंता जताते हुये उच्चतम न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।

    सुश्री वाड्रा ने सोमवार को एक्स पर लिखा “ संभल, उत्तर प्रदेश में अचानक उठे विवाद को लेकर राज्य सरकार का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इतने संवेदनशील मामले में बिना दूसरा पक्ष सुने, बिना दोनों पक्षों को विश्वास में लिए प्रशासन ने जिस तरह ​हड़बड़ी के साथ कार्रवाई की, वह दिखाता है कि सरकार ने खुद माहौल खराब किया। प्रशासन ने जरूरी प्रक्रिया और कर्तव्य का पालन भी जरूरी नहीं समझा। ”

    उन्होने कहा, “सत्ता में बैठकर भेदभाव, अत्याचार और फूट फैलाने का प्रयास करना न जनता के हित में है, न देश के हित में। माननीय सुप्रीम कोर्ट को इस मामले का संज्ञान लेकर न्याय करना चाहिए।”

    इससे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने संभल में मस्जिद पर सर्वे को तनाव फैलाने की साजिश बताते हुये उच्चतम न्यायालय से दखल की मांग की थी। उन्होने प्रदेश की जनता से शांति बनाएं रखने की अपील की थी।

    श्री यादव ने एक्स पर पोस्ट किया “ सर्वे के नाम पर तनाव फैलाने की साज़िश का ‘सर्वोच्च न्यायालय’ तुरंत संज्ञान ले और जो अपने साथ सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के उद्देश्य से नारेबाज़ों को ले गये, उनके ख़िलाफ़ शांति और सौहार्द बिगाड़ने का मुक़दमा दर्ज हो और उनके ख़िलाफ़ ‘बार एसोसिएशन’ भी अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई करे। उप्र शासन-प्रशासन से न कोई उम्मीद थी, न है।”

    बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, “यूपी के संभल जिले की शाही जामा मस्जिद को लेकर अचानक विवाद, सुनवाई और फिर उसके फौरन ही बाद आपाधापी में सर्वे की खबरें राष्ट्रीय चर्चा व मीडिया की सुर्खियों में है, किन्तु इस प्रकार से सदभाव व माहौल को बिगाड़ने का संज्ञान सरकार तथा मा. सुप्रीम कोर्ट को भी जरूर लेना चाहिए।”

    गौरतलब है कि संभल में एक मस्जिद पर न्यायालय के आदेश पर दोबारा सर्वे करने गयी टीम पर समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव किया था। उन्मादी भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस बल ने आंसू गैस और लाठी भांज कर भीड़ को खदेड़ा मगर इस बीच हुयी गोलीबारी में तीन लोगों को मौत हो गयी थी जबकि पुलिसकर्मियों समेत कई अन्य घायल हो गये थे। घायलों में दो और की आज मृत्यु हो जाने से मृतकों की संख्या बढ़ कर पांच हो गयी है।

    जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संभल तहसील क्षेत्र में इंटरनेट सेवा और शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। जिले में तनावपूर्ण शांति बनी हुयी है और सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं।

  • मतदाता, संविधान, विश्व समुदाय की आशा पर खरे उतरें सांसद: मोदी

    नई दिल्ली: 25 नवंबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से पहले विपक्ष से जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने तथा विश्व समुदाय की आशाओं पर खरा उतरने का आह्वान करते हुए अपील की कि उनके व्यवहार से मतदाता, लोकतंत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, संविधान के प्रति उनका समर्पण और संसदीय प्रक्रियाओं में उनके विश्वास की सार्थक अनुगूंज बाहर जानी चाहिए।

    श्री मोदी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, “शीतकालीन सत्र है और माहौल भी शीत ही रहेगा। 2024 का यह अंतिम कालखंड चल रहा है, देश उमंग और उत्साह के साथ 2025 के स्वागत की तैयारी में भी लगा हुआ है। संसद का ये सत्र अनेक प्रकार से विशेष है। सबसे बड़ी बात है कि हमारे संविधान की यात्रा का 75वें साल में प्रवेश अपने आप में लोकतंत्र के लिए एक बहुत ही उज्जवल अवसर है। जैसे-जैसे 2024 करीब आ रहा है, देश जोश और उत्साह से भर गया है और बेसब्री से 2025 का स्वागत करने की तैयारी कर रहा है।”

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संसदीय सत्र कई मायनों में खास है, जिसमें सबसे अहम पहलू हमारे संविधान की 75वीं वर्षगांठ है। यह हमारे लोकतंत्र के लिए एक गौरवशाली मील का पत्थर है। कल संविधान सदन में सब मिलकर संविधान के 75वें वर्ष के उत्सव की शुरुआत करेंगे।

    उन्होंने कहा, “संविधान निर्माताओं ने संविधान का निर्माण करते समय एक एक बिंदु पर बहुत विस्तार से बहस की है और तब जाकर ऐसा उत्तम दस्तावेज हमें प्राप्त हुआ है। हमारे संविधान की महत्वपूर्ण इकाई हैं-संसद और हमारे सांसद। संसद में स्वस्थ बहस होनी चाहिए और चर्चाओं में अधिकतम और उचित भागीदारी होनी चाहिए। लेकिन,दुर्भाग्य से कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए संसद को भी मुट्ठीभर लोगों की हुड़दंगबाजी से संसद को कंट्रोल करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। हालांकि उनकी रणनीति अंततः विफल हो जाती है, जनता उनके व्यवहार पर बारीकी से नज़र रखती है और समय आने पर सज़ा भी देती है।”

    उन्होंने कहा कि समस्या नये सांसदों के लिये हो रही है उनके अधिकारों को कुछ लोग दबोच लेते हैं। लोकतंत्र में हमारा कर्तव्य है कि हम आने वाली पीढ़ियों को तैयार करें। ले​किन 80 से 90 बार जनता द्वारा नकार दिये गये लोग जनता की आकांक्षाओं पर चर्चा नहीं होने दे रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं बार-बार विपक्ष के साथियों से आग्रह करता रहा हूं और कुछ विपक्षी साथी भी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से काम हो। लेकिन जिनको जनता ने लगातार नकारा है, वे अपने साथियों की बात को भी नकार देते हैं और उनकी एवं लोकतंत्र की भावनाओं का अनादर करते हैं।”

    उन्होंने क​हा कि आज विश्व भारत की तरफ बहुत आशा भरी नजर से देख रहा है। इसलिए हमें संसद के समय का उपयोग वैश्विक स्तर पर भी भारत के बढ़े हुए सम्मान बल प्रदान करने में करना चाहिए। हमें संसद में समय का उपयोग भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और प्रतिष्ठा को और बढ़ाने के लिए करना चाहिए। श्री मोदी ने कहा, “ऐसे अवसर, जो आज हमें मिले हैं, विश्व मंच पर भारत के लिए दुर्लभ हैं और हमें इनका भरपूर लाभ उठाना चाहिए। भारत की संसद से यह संदेश निकलना चाहिए कि देश के मतदाता, लोकतंत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, संविधान के प्रति उनका समर्पण और संसदीय प्रक्रियाओं में उनका विश्वास सार्थक है और हमें इस अवसर पर आगे आना चाहिए।”

  • सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला, किसी राज्य सरकार पर बुलडोज़र एक्शन में पहली बार ठोके जा रहे भारी भरकम जुर्माना पर बड़ी चर्चा।

    नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा बुधवार को सुनाया गया ऐतिहासिक फैसला सुर्खियों में बना हुआ है। देश भर की मीडिया से लेकर आम जनता में इस फैसले को लेकर चर्चा हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने देश के वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश की पत्र याचिका पर ये फैसला सुनाया।

    सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए किसी राज्य सरकार पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ पहली बार 25 लाख रूपये का भारी भरकम जुर्माना ठोका है।

    एक संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार शीर्ष अदालत के इस फैसले की सोशल मीडिया मंच पर भी खूब चर्चा हो रही है। देश की सभी अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। टेलीविजन चैनलों समेत ऑनलाइन माध्यमों पर इस फैसले की जमकर चर्चा जारी है। सभी मीडिया प्लेटफार्म्स ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को देश के लिए नजीर बताया।

    बता दें कि देश के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली तीन जजों की खंडपीठ ने देश के वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश की याचिका पर यह अहम और देशहित में फैसला सुनाया। जिसमें सरकारी मिशनरी ने बुलडोजर चलवाकर अवैध तरीके से उनके पैतृक मकान को ध्वस्त किया था। उनकी याचिका पर शीर्ष कोर्ट का सुनाया गया फैसला देश के लिए नजीर बना। इस फैसले के कारण देश के कई लोगों में न्याय की उम्मीद भी जग गई है।

    यूपी सरकार पर लगाया भारी जुर्माना

    जानकारी के अनुसार यूं तो देश में नियमित अनगिनत बुलडोजर कार्रवाई होती हैं। जिसमें कितने ही बेगुनाहों के मकान अवैध तरीके से सरकारी मिशनरी द्वारा जमींदोज किया जाता है। निर्दोष लोगों के मकान सरकार की तानाशही रवैये की भेंट चढ़ जाते हैं। लेकिन देश में पहली बार एक सतर्क नागरिक और याचिकाकर्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने देशहित में अहम फैसला सुनाया।

    पहली बार एक स्वत: संज्ञान याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फटकार लगाते हुए 25 लाख रुपए का भारी भरकम जुर्माना लगाया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। सु प्रीम कोर्ट ने इस फैसले का हवाला देते हुए देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इसे पालन करवाने का निर्देश दिया।

    मनोज टिबड़ेवाल आकाश द्वारा उठाए गए मामले की बदौलत इस फैसले के बाद उन लोगों के लिये भी न्याय का रास्ता खुल गया है, जिनका मनमाना तरीके से बिना नोटिस दिये मकान तोड़ा। मनोज की याचिका पर आये फैसले से देश में लोगों का कानून पर भरोसा बढ़ गया। बुलडोजर कार्रवाई के पीड़ित लोग अब अन्याय के खिलाफ खुलकर सामने आ रहे है।

  • दिल्ली के मुंडका इलाके में फिर गैंगवॉर, टिल्लू ताजपुरिया गैंग ने गोगी ग्रुप के बदमाश का किया मर्डर

    दिल्ली के मुंडका इलाके में शनिवार को एक बार फिर गैंगवॉर की खबर सामने आई है. यहां बाइक सवार बदमाशों ने अपने एंटी गैंग के एक शख्स अमित की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार देर शाम 22 साल का अमित नाम का बदमाश जो अभी फिलहाल जेल से बाहर आया था उस पर टिल्लू ताजपुरिया गैंग ने हमला कर दिया।

    गोगी गैंग से जुड़ा था मृतक

    सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गोगी गैंग से जुड़े अमित पर हथियारों के साथ हमलावरों ने करीब 6 राउंड गोलियां चलाई. जिसके बाद अमित की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस सीसीटीवी की मदद से बदमाशों की पहचान कर रही है. लेकिन जिस तरह से दिल्ली में एक के बाद एक मर्डर की खबरें सामने आ रही हैं उसने कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

    इससे पहले 13 सितंबर को दिल्ली के जीके इलाके में जिम मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था. लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम इस हत्याकांड में सामने आया था. वहीं, 27 सितंबर को दिल्ली के नारायणा में कार शोरूम पर फायरिंग हुई थी. अमेरिका में बैठे मोस्टवॉटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने ये फायरिंग करवाई थी

    28 सितंबर को नांगलोई के रोशन हलवाई की दुकान पर बदमाशों ने गोलिया चलाई थीं. गोगी गैंग ने रंगदारी के लिए ये फायरिंग करवाई थी।

    26 अक्टूबर को रानी बाग इलाके में बिजनेसमैन के घर पर फायरिंग हुई थी. 4 नवंबर को नांगलोई में प्लाईवुड शोरूम पर फायरिंग.4 नवंबर को अलीपुर में प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस पर फायरिंग. 6 नंबर को पश्चिम विहार में ताबड़तोड़ फायरिंग.6 नवंबर को दिल्ली के द्वारका इलाके में फायरिंग।

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