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  • बिहार उपचुनाव के साथ 2025 के विधानसभा चुनाव को साधने में सफल रहे जेपी नड्डा

    बिहार उपचुनाव के साथ 2025 के विधानसभा चुनाव को साधने में सफल रहे जेपी नड्डा

    नई दिल्ली/पटना: 09 नवंबर। बिहार में 13 नवम्बर को विधानसभा की चार सीटों पर उपचुनाव होने हैं। साथ ही 2025 में विधानसभा का आम चुनाव होगा। इसको लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने तैयारियों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। इसी के तहत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा लोक आस्था के महाप्रव छठ के अवसर पर पटना आए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ डेढ़ घंटे का समय स्टीमर पर बिताया।

    जेपी नड्डा का जुड़ाव पटना से काफी रहा है लेकिन यह पहला मौका है जब वे महापर्व छठ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ स्टीमर पर घूमे और लोगों को छठ की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ भाजपा से जुड़े कई नेताओं के यहां भी वे गए। उनके इस आगमन को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह कि चर्चा शुरू हो गई। जेपी नड्डा पटना आने के बाद राज्यपाल से भी मिले और लोजपा (रामविलास) सुप्रीमो चिराग पासवान के आवास भी गए। इसके बाद से यह चर्चा तेज है कि क्या नड्डा किसी खास मकसद से पटना आए थे। ऐसे में भाजपा सूत्र बता रहे हैं कि 2025 के विधानसभा चुनाव में राजग के अंदर कौन और कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा, इसका होमवर्क शुरू हो गया है।

    बीते गुरुवार दोपहर में पटना पहुंचने के बाद नड्डा ने पार्टी के शीर्ष नेताओं से विधानसभा की चार सीटों तरारी, रामगढ़, बेलागंज एवं इमामगंज में हो रहे उपचुनाव का फीड बैक लिया। नड्डा ने राजकीय अतिथिशाला में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के अतिरिक्त दोनों उप मुख्यमंत्रियों एवं प्रदेश अध्यक्ष जायसवाल के साथ मंत्रणा की। इसके साथ बिहार में हिंदू बोट बैंक को एकजुट करने की भरपूर कोशिश भी भाजपा कर रही है।

    उल्लेखनीय है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में शाहाबाद प्रक्षेत्र में चार की चार सीटों पर राजग उम्मीदवारों की हार हुई है। ऐसे में महागठबंधन से एक भी सीट छीन लेना भाजपा, जदयू एवं हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के उम्मीदवारों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। आरा संसदीय क्षेत्र में लोकसभा चुनाव-2024 में तरारी विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार की 5,773 मतों से हार हुई थी। वहीं, 2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार यहां तीसरे पायदान पर चले गए थे। ऐसे में इस सीट पर राजग के लिए लड़ाई आसान नहीं है। बक्सर संसदीय सीट के अंदर आने वाले रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लोकसभा चुनाव-2024 में भाजपा उम्मीदवार पर राजद ने दस हजार मतों से बढ़त बनाई थी। वर्ष 1985 से इस सीट पर राजद का दबदबा रहा है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह व हाल ही में बक्सर से सांसद चुने गए सुधाकर सिंह पिता-पुत्र की इस सीट पर लोकप्रियता के आगे भाजपा के लिए राह आसान नहीं है।

  • मुंबई हवाई अड्डे पर 1.36 करोड़ रुपये कीमत की स्वर्ण भस्म बरामद, यात्री सहित दो गिरफ्तार

    मुंबई: 09 नवंबर। महाराष्ट्र के मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग की हवाई खुफिया इकाई (एआईयू) ने 24 कैरेट की स्वर्ण भस्म बरामद की है, जिसकी कुल कीमत 1.36 करोड़ रुपये है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि एक बैग में रखे अंतर्वस्त्र में स्वर्ण भस्म छिपाकर रखा हुआ था और बृहस्पतिवार को इसे बरामद किया गया।

    एआईयू के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने एक यात्री को उस समय रोका जब वह प्रस्थान कक्ष में कर्मचारियों के लिए बने शौचालय से बाहर निकल रहा था। उसके साथ छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का एक निजी कर्मचारी भी था, जो एक बैग लेकर चल रहा था।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘कर्मचारी और उसके बैग की तलाशी लेने पर अधिकारियों को अंतर्वस्त्र में छिपा कर रखा गया एक पैकेट बरामद हुआ जिसमें मोम के रूप में 24 कैरेट सोने की भस्म थी जिसका कुल वजन 1.892 किलोग्राम और शुद्ध वजन 1.800 किलोग्राम है और इसकी कीमत 1.36 करोड़ रुपये है।’’

    अधिकारी ने बताया कि कर्मचारी ने स्वीकार किया कि सोना उसे यात्री ने सौंपा था जिस पर एआईयू के अधिकारी नजर रख रहे थे। उन्होंने बताया, ‘‘इसके बाद हवाईअड्डे के कर्मचारी और यात्री को सीमा शुल्क अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।’’ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

  • सीजेआई चंद्रचूड़ ने बताई सुप्रीम कोर्ट में ‘लंबित मामले बढ़ने’ की सच्चाई

    नई दिल्ली: 09 नवंबर। के निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने उनके कार्यकाल में उच्चतम न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या बढ़ने के बारे में आरोपों के जवाब दिए।

    सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में सीजेआई ने कहा कि पिछले दो वर्षों में 1,11,000 मामले दर्ज किए गए, 5,33,000 मामले सूचीबद्ध किए गए और 1,07,000 मामलों का निपटारा किया गया।

    उन्होंने कहा, “आपने शायद कहीं पढ़ा होगा कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या 82,000 हो गई है। मैं आपको मोटा-मोटी आंकड़े बताना चाहता हूं। नवंबर 2022 से पहले, अपंजीकृत/दोषपूर्ण मामलों को कभी भी सार्वजनिक डोमेन में नहीं रखा गया और उनका हिसाब नहीं रखा गया।”

    न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि जब उन्होंने नवंबर 2022 में मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला, तो उन्होंने पाया कि रजिस्ट्रार की अलमारी में लगभग 1,500 फाइलें बंद पड़ी थीं।

    उन्होंने कहा, “मैंने कहा कि इसे बदलना होगा। सिस्टम में आने वाले हर मामले को एक नंबर के साथ टैग किया जाना चाहिए। हमने सभी लंबित मामलों का डेटा सार्वजनिक डोमेन में डालने का फैसला किया, चाहे वह पंजीकृत हो या अपंजीकृत। लंबित मामलों की संख्या 1 जनवरी 2020 को 79,000 थी, जिनमें वे मामले भी शामिल हैं जिन्हें अब हम दोषपूर्ण मामले कहते हैं। यह संख्या 1 जनवरी 2022 को 93,000 तक पहुंच गई। इसके बाद 1 जनवरी 2024 को घटकर 82,000 रह गई। इसलिए इसमें पंजीकृत और अपंजीकृत दोनों तरह के मामले शामिल हैं और दो वर्षों में संख्या में 11,000 की कमी आई है।”

    सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि शीर्ष अदालत में मामलों के दाखिल होने की संख्या दोगुनी हो गई है और पिछले दो वर्षों में 21,000 जमानत याचिकाएं दायर की गईं, जबकि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों द्वारा 21,358 जमानत याचिकाओं का निपटारा किया गया। अपने साथी न्यायाधीशों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उनके प्रत्येक सहयोगी ने कर्तव्य की सीमा से आगे जाकर काम किया और मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनके द्वारा दिए गए कार्य को स्वीकार किया।

    देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर दो साल के कार्यकाल के बाद, सीजेआई चंद्रचूड़ 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर 10 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उन्हें पहली बार 29 मार्च 2000 को बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने 31 अक्टूबर 2013 से 13 मई 2016 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने तक, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया है।

    सीजेआई चंद्रचूड़ ने सेंट स्टीफंस कॉलेज, नई दिल्ली से अर्थशास्त्र में ऑनर्स के साथ बीए पास किया और कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। जून 1998 में उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था। उन्होंने 1998 से 2000 तक भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में भी कार्य किया।

    सीजेआई चंद्रचूड़ ने पिछले महीने अपने उत्तराधिकारी के रूप में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के नाम की सिफारिश की थी जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी। न्यायमूर्ति खन्ना 11 नवंबर देश के 51वें मुख्य न्यायाधीश बनेंगे।

  • पश्चिम बंगाल में हुआ रेल हादसा, सिकंदराबाद से शालीमार जा रही एक्सप्रेस ट्रेन के तीन कोच पटरी से उतरे

    हावड़ा: 09 नवंबर। बंगाल के हावड़ा में एक ट्रेन दुर्घटना हुई है। यहां पर सिकंदराबाद से शालीमार की ओर जा रही एक 22850 सिकंदराबाद-शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन के कुछ कोच डिरेल हो गए।

    पूरी घटना पश्चिम बंगाल के हावड़ा के नवलपुर रेलवे स्टेशन के पास हुई है। यहां पर सिकंदराबाद से शालीमार की ओर जा रही एक एक्सप्रेस ट्रेन के तीन डिब्बे डिरेल हो गए। हालांकि राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    हादसे के बारे में जानकारी देते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ओमप्रकाश चरण ने फोन पर बताया कि सिकंदराबाद से शालीमार आ रही ट्रेन नवलपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक डिरेल हुई है। इसमें तीन कोच है, लेकिन इस घटना में किसी की हताहत होने की अभी तक कोई जानकारी नहीं है।

    मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पूरी घटना शनिवार सुबह पौने छह बजे के करीब की बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल था, हालांकि यात्रियों के मुताबिक ट्रेन की गति सामान्य से कम होने के कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। बस अचानक तेज झटका लगा और ऊपर रखे सामान नीचे गिर गए। ड्राइवर ने ट्रेन को मौके पर रोक दिया।

    हादसे के बाद रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे, उनके अनुसार सभी हादसे का शिकार हुई 22850 सिकंदराबाद-शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन से सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

     

     

     

     

     

  • दिल्ली के वायु प्रदूषण में अभी सुधार नहीं, 363 रहा औसत AQI

    नई दिल्ली: 09 नवंबर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का वायु प्रदूषण लगातार बरकरार है। यहां की दमघोंटू हवा से अभी लोगों को निजात नहीं मिल रहा है। शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 363 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में माना जाता है।

    केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में शनिवार सुबह 6:15 बजे तक औसत एक्यूआई 363 अंक बना हुआ है। जबकि दिल्ली एनसीआर के शहर फरीदाबाद में 226, गुरुग्राम में 263, गाजियाबाद में 296, ग्रेटर नोएडा में 284 और नोएडा में 266 एक्यूआई बना हुआ है।

    वहीं, राजधानी दिल्ली के चार इलाकों में एक्यूआई लेवल 400 से ऊपर बना हुआ है, जिसमें बवाना में 412, न्यू मोती बाग में 410, रोहिणी में 407 और विवेक विहार में 403 एक्यूआई दर्ज किया गया।

    दिल्ली के अधिकांश इलाकों में एक्यूआई लेवल 300 से ऊपर 400 के बीच में बना हुआ है। अलीपुर में 388, आनंद विहार में 397,आया नगर में 353, मथुरा रोड में 340, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 388, द्वारका सेक्टर 8 में 365, आईजीआई एयरपोर्ट में 339, आईटीओ में 360 और जहांगीरपुरी में 393 एक्यूआई दर्ज किया गया।

    इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 340, लोधी रोड में 326, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 390, मंदिर मार्ग में 370, मुंडका में 383, नजफगढ़ में 369, नरेला में 392, राजेंद्र नगर में 395, एनएसआईटी द्वारका में 369, पटपड़गंज में 390, पंजाबी बाग में 400, आरके पुरम में 377, पूषा में 333, शादीपुर में 389, सिरी फोर्ट में 371, सोनिया बिहार में 393 और वजीरपुर में 400 एक्यूआई बना हुआ है।

    बता दें कि इससे एक दिन पहले केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में शुक्रवार सुबह 7:30 बजे तक औसत एक्यूआई 383 दर्ज किया गया था।

  • पश्चिम बंगाल में हुआ रेल हादसा, सिकंदराबाद से शालीमार जा रही एक्सप्रेस ट्रेन के तीन कोच पटरी से उतरे

    हावड़ा: 09 नवंबर। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में एक ट्रेन दुर्घटना हुई है। यहां पर सिकंदराबाद से शालीमार की ओर जा रही एक 22850 सिकंदराबाद-शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन के कुछ कोच डिरेल हो गए।पूरी घटना पश्चिम बंगाल के हावड़ा के नवलपुर रेलवे स्टेशन के पास हुई है। यहां पर सिकंदराबाद से शालीमार की ओर जा रही एक एक्सप्रेस ट्रेन के तीन डिब्बे डिरेल हो गए। हालांकि राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हादसे के बारे में जानकारी देते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ओमप्रकाश चरण ने फोन पर बताया कि सिकंदराबाद से शालीमार आ रही ट्रेन नवलपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक डिरेल हुई है। इसमें तीन कोच है, लेकिन इस घटना में किसी की हताहत होने की अभी तक कोई जानकारी नहीं है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरी घटना शनिवार सुबह पौने छह बजे के करीब की बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल था, हालांकि यात्रियों के मुताबिक ट्रेन की गति सामान्य से कम होने के कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। बस अचानक तेज झटका लगा और ऊपर रखे सामान नीचे गिर गए। ड्राइवर ने ट्रेन को मौके पर रोक दिया। हादसे के बाद रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे, उनके अनुसार सभी हादसे का शिकार हुई 22850 सिकंदराबाद-शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन से सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

  • महाराष्ट्र : शिवसेना ने पूर्व सांसद सुभाष वानखेड़े को किया निष्कासित

    मुंबई: 09 नवंबर। चुनावी राज्य महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने पूर्व सांसद सुभाष वानखेड़े को पार्टी से निष्कासित कर दिया। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप था।विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद महाराष्ट्र की सियासत तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) ने चुनाव से कुछ दिन पहले ही बड़ा कदम उठाते हुए हिंगोली से पूर्व सांसद एवं दिग्गज नेता सुभाष वानखेडे पर बड़ा एक्शन लिया। उनको पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद पार्टी के निष्कासित कर दिया गया है।

    विधानसभा चुनाव से महज कुछ दिन पहले शिवसेना (यूबीटी) की तरफ से यह बड़ा एक्शन माना जा रहा है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते अपने कई नेता निष्कासित कर चुकी है।

    इससे पहले शुक्रवार को शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने भाजपा और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान ‘बटेंगे तो कटेंगे’ पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि यह महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी का महाराष्ट्र है। यहां सभी धर्मों के लोग मिलकर रहते हैं, चाहे हिन्दू हों या फिर मुस्लिम। यहां न ही बंटेंगे और न ही कटेंगे। भाजपा के अहंकार के खिलाफ डटेंगे तभी तो यहां से भाजपा को हटाएंगे।

    उन्होंने कहा है कि महा विकास अघाड़ी की सरकार महाराष्ट्र में बनने जा रही है। महायुति ही आपका भविष्य है।

    उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में कुल 288 विधानसभा सीटे हैं। जिनके लिए एक ही चरण में 20 नवंबर के दिन मतदान प्रस्तावित है। सभी निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे एक साथ 23 नवंबर को सामने आएंगे।

    विपक्षी महागठबंधन महाविकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), सत्ता पर काबिज महायुति सरकार को हटाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भाजपा और अजित पवार की एनसीपी की महायुति सरकार के सामने एक बार फिर सत्ता में बने रहने की चुनौती है।

     

     

     

     

     

     

     

     

  • मुंबई में 2051 तक 54 प्रतिशत कम हो जाएगी हिंदू आबादी: किरीट सोमैय

    नई दिल्ली: 09 नवंबर। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की रिपोर्ट पर शनिवार को प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने रिपोर्ट की एक कॉपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की। लिखा, मुंबई में 2051 तक 54 प्रतिशत कम हो जाएगी हिंदू आबादी, बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की तादाद बढ़ रही है।

    भाजपा नेता ने वीडियो शेयर कर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं एक हैं तो सेफ है। यह जो टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की रिपोर्ट आई है। इसमें कहा गया है कि मुंबई में 2051 तक 54 प्रतिशत कम हो जाएगी। आज भी मुंबई के कई इलाके ऐसे हैं जहां सिर्फ बांग्लादेशी मुस्लिम और रोहिंग्या मुस्लिम दिखाई दे रहे हैं। इसलिए राहुल गांधी कहते हैं वोट जिहाद और योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि बटेंगे तो कटेंगे।

    बता दें कि रिपोर्ट में कहा गया है कि 1961 से अब तक हिंदुओं की आबादी में 88 फीसदी से 2011 में 66 फीसदी तक की कमी आई है। जबकि मुस्लिम आबादी में 1961 में 8 फीसदी से 2011 में 21 फीसदी तक वृद्धि हुई है। अनुमान है कि 2051 तक हिंदू आबादी 54 फीसदी से कम हो जाएगी और मुस्लिम आबादी में लगभग 30 फीसदी की वृद्धि होगी।

    रिपोर्ट दावा करती है कि मुंबई में बांग्लादेशी और रोहिंग्या समुदायों की संख्या बढ़ रही है। ये बढ़ती संख्या शहर की सामाजिक- अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है। रिपोर्ट में अंदेशा जताया गया है कि 2051 तक हिंदू आबादी 54 फीसदी से कम हो जाएगी। ये भी कहा गया है कि कुछ राजनीतिक संस्थाएं वोट बैंक की राजनीति के लिए इन अवैध अप्रवासियों का इस्तेमाल कर रही हैं। रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि किस तरह बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासी फेक वोटर आईडी हासिल कर रहे हैं।इस

    इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई में बांग्लादेश और म्यांमार से अवैध प्रवासियों (ज्यादातर मुस्लिम) की संख्या बढ़ रही है और कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के लिए उनका इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • दिल्ली-एनसीआर में बुलडोजर का ऐक्शन लगातार जारी, गुरुग्राम की 10 अवैध विकसित कॉलोनियों में बुलडोजर की गूंज

    गुरुग्राम: 07 नवंबर। दिल्ली-एनसीआर में प्रशासन का लगातार बुलडोजर ऐक्शन जारी है। प्रशासन ने एनसीआर के कई इलाकों में बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जों को हटाया है। बीते कई दिनों से चल रहा बुलडोजर अभियान बुधवार को गुरुग्राम में भी गरजा। यहां की 10 अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया गया है।  गुरुग्राम नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने बुधवार को गांव भौंडसी और अलीपुर में अवैध रूप से पनप रही कॉलोनियों में बुलडोजर चलाया। इन दोनों गांवों में खेतीहर जमीन पर बिना मंजूरी लिए 10 कॉलोनियों को भूमाफियाओं की तरफ से जमीन मालिकों से सांठ-गांठ करके विकसित किया जा रहा था।गुरुग्राम की इन कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाने के साथ-साथ तहसीलदार को इनमें रजिस्ट्री नहीं करने को लेकर पत्र लिखा है। जमीन मालिकों और भूमाफियाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए पुलिस विभाग को पत्र लिखा है। ये तोड़फोड़ डीटीपीई मनीष यादव के नेतृत्व में हुई। सबसे पहले तोड़फोड़ दस्ता गांव अलीपुर में पहुंचा। यहां सात एकड़ में तीन कॉलोनियां विकसित हो रही थी। एक मकान का निर्माण हो रहा था। 400 मीटर की चारदीवारी हो रही थी। सड़क का निर्माण कर दिया था। तोड़फोड़ दस्ते ने बुलडोजर से इन्हें मलबे में मिला दिया। इसके बाद तोड़फोड़ दस्ता गांव भौंडसी में जेल रोड पर पहुंच गया। करीब 13 एकड़ में तीन कॉलोनियां पनप रही थी। 10 निर्माणाधीन मकान, 58 डीपीसी, भूमाफिया के एक कार्यालय और सात चारदीवारी को मलबे में मिलाया गया। इससे पहले गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण से लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया था। प्रशासन का कहना था कि अगले 72 घंटों में अगर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बुलडोजर चलाकर सभी कब्जों को हटवाया जाएगा। प्रशासन द्वारा अल्टीमेटम दिए जाने के बाद कब्जाधारियों ने धीरे-धीरे कब्जा हटाना शुरू कर दिया है। इस दौरान प्रशासन दूसरी जगहों पर बुलडोजर ऐक्शन की कार्रवाई में लगा हुआ है।

  • उचित प्रक्रिया का नहीं किया गया पालन, मामले में जांच करने की आवश्यकता: सुप्रीम कोर्ट

     

    नई दिल्ली/यूपी: 06 नवंबर। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार को बुलडोजर एक्शन पर फटकार लगाई है. दरअसल, मामला यूपी के महाराजगंज जिले का है, जहां सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के लिए घरों को बुलडोजर के जरिए ध्वस्त किया गया था. इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया गया था, जिस पर सुप्रीम अदालत सुनवाई कर रही थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यूपी सरकार ने जिसका घर तोड़ा है उसे 25 लाख रुपए का मुआवजा दे।

    सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आप कहते हैं कि वह 3.7 वर्गमीटर का अतिक्रमणकर्ता था. हम इसे सुन रहे हैं, लेकिन कोई प्रमाण पत्र नहीं दे रहे हैं, पर आप क्या इस तरह लोगों के घरों को कैसे तोड़ना शुरू कर सकते हैं? यह अराजकता है, किसी के घर में घुसना।

    उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से मनमानी है, उचित प्रक्रिया का पालन कहां किया गया है? हमारे पास हलफनामा है, जिसमें कहा गया है कि कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था, आप केवल साइट पर गए थे और लोगों को सूचित किया था. हम इस मामले में दंडात्मक मुआवजा देने के इच्छुक हो सकते हैं. क्या इससे न्याय का उद्देश्य पूरा होगा?

    याचिकाकर्ता के वकील ने मामले की जांच का आग्रह किया. सीजेआई ने राज्य सरकार के वकील से पूछा कितने घर तोड़े? राज्य के वकील ने कहा कि 123 अवैध निर्माण थे. जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा कि आपके यह कहने का आधार क्या है कि यह अनाधिकृत था, आपने 1960 से क्या किया है, पिछले 50 साल से क्या कर रहे थे, बहुत अहंकारी, राज्य को एनएचआरसी के आदेशों का कुछ सम्मान करना होगा, आप चुपचाप बैठे हैं और एक अधिकारी के कार्यों की रक्षा कर रहे हैं।

    सीजेआई ने कहा कि वार्ड नंबर 16 मोहल्ला हामिदनगर में स्थित अपने पैतृक घर और दुकान के विध्वंस की शिकायत करते हुए मनोज टिबरेवाल द्वारा संबोधित पत्र पर स्वत: संज्ञान लिया गया था. रिट याचिका पर नोटिस जारी किया गया था।

    जस्टिस जेबी पारदीवाला ने यूपी सरकार के वकील से कहा कि आपके अधिकारी ने पिछली रात सड़क चौड़ीकरण के लिए पीले निशान वाली जगह को तोड़ दिया, अगले दिन सुबह आप बुलडोजर लेकर आ गए. यह अधिग्रहण की तरह है, आप बुलडोजर लेकर नहीं आते और घर नहीं गिराते, आप परिवार को घर खाली करने का समय भी नहीं देते. चौड़ीकरण तो सिर्फ एक बहाना था, यह इस पूरी कवायद का कोई कारण नहीं लगता।

    सीजेआई ने आदेश में कहा कि इस मामले में जांच करने की आवश्यकता है. यूपी राज्य ने एनएच की मूल चौड़ाई दर्शाने के लिए कोई दस्तावेज पेश नहीं किया है. दूसरा यह साबित करने के लिए कोई भौतिक दस्तावेज नहीं है कि अतिक्रमणों को चिह्नित करने के लिए कोई जांच की गई थी. तीसरा यह दिखाने के लिए बिल्कुल भी सामग्री नहीं है कि परियोजना के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया था।

    राज्य सरकार अतिक्रमण की सटीक सीमा का खुलासा करने में विफल रहा है. अधिसूचित राजमार्ग की चौड़ाई और याचिकाकर्ता की संपत्ति की सीमा, जो अधिसूचित चौड़ाई में आती है. ऐसे में कथित अतिक्रमण के क्षेत्र से परे घर तोड़ने की जरूरत क्यों थी? एनएचआरसी की रिपोर्ट बताती है कि तोड़ा गया हिस्सा 3.75 मीटर से कहीं अधिक था।

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