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  • विकसित भारत का लक्ष्य केंद्र, राज्यों की सामूहिक जिम्मेदारी, सहयोग के प्रभावी मंच की भूमिका निभा सकता है नीति आयोग: मोदी

    विकसित भारत का लक्ष्य केंद्र, राज्यों की सामूहिक जिम्मेदारी, सहयोग के प्रभावी मंच की भूमिका निभा सकता है नीति आयोग: मोदी

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित राष्ट्र के लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए सरकार के हर स्तर पर सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी के भाव पर बल देते हुए गुरुवार को कहा कि नीति आयोग इस तरह के सहयोग के लिए एक प्रभावी मंच की भूमिका निभा सकता है। श्री मोदी ने युवा आबादी को देश की एक प्रमुख शक्ति और ऐतिहासिक अवसर बताते हुए इसका लाभ उठाने के लिए युवाओं को मांग आधारित शिक्षण -प्रशिक्षण दिये जाने की आवश्कता पर बल दिया है। वह राजधानी में नीति आयोग की संचालन परिषद की ग्यारहवीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था निरंतर अच्छी गति से आगे बढ़ रही है और मजबूत बनी हुई है। विभिन्न देशों और समूहों के साथ किये गये मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से लघु और मझोले उद्यमों सहित अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अवसर बढ़ेंगे।

    बैठक में राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के मुख्यमंत्रियों, उप-राज्यपालों, अपने वरिष्ठ सहयोगी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में श्री मोदी ने कहा, ‘जैसे-जैसे भारत ‘विकसित राष्ट्र’ के संकल्प की ओर अग्रसर हो रहा है, हमारी सामूहिक जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। राज्यों के बीच सहयोग, संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान मार्गदर्शक सिद्धांत होने चाहिए।” इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि नीति आयोग सहयोग के एक प्रभावी मंच के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जहां राज्य विचारों का आदान-प्रदान कर सकें और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए मिलकर कार्य कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री देश की जन संख्या में युवा आबादी के बड़े अनुपात को ‘एक ऐतिहासिक अवसर’ बताया और कहा कि ‘इसे हम खोने का जोखिम नहीं उठा सकते।’ उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मांग आधारित कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के माध्यम से युवाओं के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार करना हमारी प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए। सशक्त युवा ही भारत की विकास यात्रा के सबसे बड़े प्रेरक बनेंगे। उन्होंने कहा कि महिला-नेतृत्व वाला विकास विकसित भारत की परिकल्पना का एक प्रमुख आधार है। कृषि, स्टार्टअप, विज्ञान और नवाचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में नारी शक्ति महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। राज्यों को महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि उनकी पूर्ण क्षमता का उपयोग करते हुए भारत की विकास यात्रा को और गति दी जा सके।

    श्री मोदी ने कहा, ‘‘ विश्व इस समय अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है, फिर भी भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी विकास यात्रा पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास और निर्यात के नये अवसर सृजित करने के लिए अनेक देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किये हैं। ये समझौते हमारे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएम इकाइयों) के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करते हैं, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करते हुए वैश्विक बाजारों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें और अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा सकें।

    बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “ सहकारी संघवाद की भावना से प्रेरित होकर हम सभी भारत की विकास यात्रा को तेज़ करने के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं। केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयास ही विकसित भारत के हमारे साझा संकल्प को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में नीति आयोग के सर्वोच्च निकाय की यह बैठक ऐसे समय हुई है जबकि श्री मोदी ने देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कल इस पद पर निरंतर 4399 दिन पूरे कर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकार्ड पूरा किया।

    नीति आयोग की टीम का सरकार ने हाल में ही पुनर्गठन किया है और डॉ सुमन बेरी की जगह पूर्व आर्थिक सलाहकार डॉ अशोक लाहिड़ी को उपाध्यक्ष बनाया गया है। सरकार के सामने इस समय पश्चिम एशिया युद्ध के चलते अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभावों को कम करने की चुनौती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भू-राजनीतिक संकट के कारण पैदा खलल को देखते चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को अप्रैल के 6.9 प्रतिशत से घटा कर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को भी बढ़ा कर 5.1 प्रतिशत कर दिया है, जबकि अप्रैल में इसे 4.6 प्रतिशत रखने का अनुमान लगाया था।

  • दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश के अनुमान: मौसम विभाग

    नई दिल्ली। मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तर-पश्चिम भारत के लिए नया अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा के पास बने चक्रवाती दबाव के कारण 13 जून तक इस क्षेत्र में तेज बारिश हो सकती है। 11 और 12 जून को पंजाब, हरियाणा,राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 50–60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, आंधी-तूफान और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि के अनुमान हैं। विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आज मानसून कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ और इलाकों सहित तमिलनाडु और पुडुचेरी के बचे हुए हिस्सों में पूरी तरह दाखिल हो चुका है। इसके साथ ही मानसून ने पश्चिम बंगाल के कुछ और हिस्सों तथा बिहार के कुछ इलाकों में भी अपनी दस्तक दे दी है।

    मौसम विभाग ने मानसून की उत्तरी सीमा की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि यह रेखा वर्तमान में चेन्नई, सोलापुर (महाराष्ट्र), हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम (तेलंगाना) और कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से होते हुए रायगंज (पश्चिम बंगाल) और मधुबनी (बिहार) तक पहुंच चुकी है। आगामी दो-से-तीन दिनों के भीतर मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहने की उम्मीद है जिससे मानसून के मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र और कर्नाटक के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी जल्द ही मानसून के कदम आगे बढ़ाने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

    पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां पश्चिमी बंगाल के पहाड़ी इलाकों, तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भीषण लू का प्रकोप जारी रहा। पिछले 24 घंटों में देश में सबसे अधिक तापमान पंजाब के बठिंडा में 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। खराब मौसम को देखते हुए विभाग ने लोगों, खासकर शहरों और पहाड़ी इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश और तेज हवाओं से निचले इलाकों में पानी भरने, दृश्यता कम होने और कच्चे मकानों व बागवानी फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

    मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है कि वे 11 से 16 जून के बीच खराब समुद्री स्थिति और तेज हवाओं के कारण बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी, अंडमान सागर और अरब सागर के तटीय क्षेत्रों में न जाएं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और पके हुए फलों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें तथा खेतों में जलभराव को रोकने के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय और त्रिपुरा में धान की नर्सरी को बचाने के लिए ‘पॉलीथीन शीट’ का उपयोग करने को कहा गया है। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में अभी भी तापमान उच्च बना हुआ है और लू की स्थिति है, वहां के पशुपालकों को अपने मवेशियों को छायादार स्थानों पर रखने और उन्हें पर्याप्त मात्रा में साफ पानी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है।

  • महाराष्ट्र: उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 6 लोगों की विमान दुर्घटना में मौत, डीजीसीए ने पुष्टि की

    बारामती। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की बुधवार को विमान दुर्घटना में मौत हो गई। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पुष्टि की कि विमान में सवार अजित पवार समेत सभी छह यात्रियों की मौत हो गई है।

    उपमुख्यमंत्री अजित पवार बुधवार को जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चल रहे चुनावों के बीच जनसभा में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। उनका विमान बारामती के पास लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह दुर्घटना सुबह करीब 9 बजे हुई।

    बताया जा रहा है कि विमान बारामती के एक एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान कंट्रोल से बाहर हो गया और क्रैश हो गया। क्रैश के बाद विमान में आग लग गई। अजित पवार और दो क्रू मेंबर समेत कुल छह लोग प्लेन में सवार थे। जानकारी के अनुसार, विमान में सवार कोई भी व्यक्ति इस दुर्घटना में जीवित नहीं बचा है।

    घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में आग और धुआं, विमान का मलबा और घायलों को पास के अस्पतालों में ले जाती एम्बुलेंस दिखाई दी। दुर्घटनास्थल पर लोग हर संभव तरीके से मदद करने की कोशिश कर रहे थे। पुणे के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के अनुसार, तीन शवों को बारामती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है।

    फिलहाल, डीजीसीए अधिकारियों की एक टीम विमान दुर्घटनास्थल पर पहुंची है। आपातकालीन सेवाएं और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।

    एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, एनसीपी-एसपी की सांसद सुप्रिया सुले और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का परिवार (पत्नी सुनेत्रा पवार और बेटे पार्थ पवार) दिल्ली में थे। बताया जा रहा है कि प्रफुल्ल पटेल और अजित पवार का परिवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो चुका है।

    66 वर्षीय अजीत पवार महाराष्ट्र के अनुभवी राजनेता और एनसीपी के संस्थापक शरद पवार के भतीजे थे। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस (मुख्यमंत्री) और एकनाथ शिंदे (उपमुख्यमंत्री) के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे।

  • भारत और यूरोपीय देशों के लिए मुक्त व्यापार समझौता बड़ा अवसरः प्रधानमंत्री मोदी

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि यूरोपीय देशों से भारत की डील को लोग दुनिया में ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को भारत और यूरोपीय संघ के बीच बहुत बड़ा समझौता हुआ है। यह मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है। प्रधानमंत्री ने यह बात आज दक्षिण गोवा में आयोजित भारत ऊर्जा सप्ताह (इंडिया एनर्जी वीक-2026) के चौथे संस्करण का वर्चुअली उद्घाटन करते हुए कही।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कल ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है। दुनिया में लोग इसकी चर्चा ‘मदर ऑफ ऑल डील’ के रूप में कर रहे हैं। यह समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है। यह समझौता, दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक शानदार उदाहरण है। यह समझौता ग्लोबल जीडीपी के करीब 25 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। यह समझौता ट्रेड के साथ-साथ डेमोक्रेसी और रूल ऑफ लॉ के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी सशक्त करता है।

    उन्होंने कहा, भारत ऊर्जा सप्ताह के नए संस्करण में गोवा में दुनिया के करीब 125 देशों के प्रतिनिधि जुटे हैं। आप एक एनर्जी सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य पर चर्चा करने भारत आए हैं। मैं आप सभी का स्वागत अभिनंदन करता हूं। इंडिया एनर्जी वीक बहुत कम समय में संवाद और कार्य का एक ग्लोबल प्लैटफार्म बन कर उभरा है। आज एनर्जी सेक्टर के लिए भारत बड़े अवसरों की धरती है। भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। भारत, दुनिया की डिमांड की पूर्ति के लिए भी बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराता है। आज हम, दुनिया में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के टॉप पांच निर्यातकों में से एक हैं। दुनिया के 150 से भी अधिक देशों तक हमारी एक्सपोर्ट कवरेज है। भारत की ये क्षमताएं आपके बहुत काम आने वाली हैं। इसलिए, एनर्जी वीक का यह प्लेटफॉर्म हमारी पार्टनरशिप को एक्सप्लोर करने का उपयुक्त स्थान है।

  • दिल्ली-NCR में GRAP-4 प्रतिबंध हटाए गए, वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार

    दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार दर्ज किए जाने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-4 के तहत लगाए गए सख्त प्रतिबंधों को हटा लिया गया है। यह जानकारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने मंगलवार को दी।

    हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि GRAP के स्टेज-1, स्टेज-2 और स्टेज-3 के तहत लागू सभी पाबंदियां अभी भी प्रभावी रहेंगी।

    मंगलवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 378 दर्ज किया गया, जो कि ‘बहुत खराब (Very Poor)’ श्रेणी में आता है। इससे पहले सोमवार को AQI 410 और रविवार को 440 दर्ज किया गया था। शनिवार, 17 जनवरी को AQI के ‘सीवियर’ श्रेणी में पहुंचने के बाद GRAP-4 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू किए गए थे।

    CAQM की ओर से जारी बयान में कहा गया कि “अनुकूल मौसम परिस्थितियों और हवा की गति में बढ़ोतरी के कारण दिल्ली के AQI में सुधार देखा गया है और 20.01.2026 को यह 378 (‘Very Poor’) दर्ज किया गया। IMD और IITM के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी AQI इसी स्तर पर बने रहने की संभावना है।”

    आयोग ने आगे कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए 17 जनवरी 2026 को जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत GRAP-4 यानी ‘Severe+’ श्रेणी (AQI 450 से अधिक) के प्रतिबंध लागू किए गए थे।

    हालांकि अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि GRAP-3 और उससे नीचे के सभी उपाय जारी रहेंगे, ताकि प्रदूषण की स्थिति फिर से गंभीर न हो।

    मौसम विशेषज्ञों और पूर्वानुमान एजेंसियों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली का औसत AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही रहने की संभावना है।

    CAQM ने यह भी कहा कि “उप-समिति वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी और IMD/IITM के पूर्वानुमानों के आधार पर समय-समय पर समीक्षा कर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।”

  • दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग का साया, आनंद विहार का एक्यूआई 429 दर्ज

    नई दिल्ली: 23 अक्टूबर । दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को एक बार फिर स्मॉग की घनी चादर छाई रही, जिससे वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई। विशेष रूप से दिल्ली के आनंद विहार इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 429 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

    आनंद विहार के अलावा, दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है। बवाना, आशोक विहार और करणी सिंह शूटिंग रेंज जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर उच्च बना हुआ है। आया नगर और बुराड़ी क्रॉसिंग पर भी प्रदूषण का स्तर ‘बहुत खराब’ दर्ज किया गया।

    दिल्ली से सटा नोएडा भी इस गंभीर वायु प्रदूषण से अछूता नहीं है। नोएडा में एक्यूआई 319, सेक्टर-1 में 305 और सेक्टर-125 में 303 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आते हैं। नोएडा सेक्टर-62 में स्थिति थोड़ी बेहतर है; यहां का एक्यूआई 281 दर्ज किया गया। हालांकि, इस उच्च प्रदूषण स्तर के बीच गाजियाबाद के निवासियों को कुछ राहत की सांस मिली प्रतीत होती है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाजियाबाद में दिन भर स्मॉग छाया रहा, लेकिन वहां के एक्यूआई में दिल्ली और नोएडा के मुकाबले कुछ कमी देखी गई। फिर भी, हवा की गुणवत्ता अभी भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनी हुई है। इस समय दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ने के पीछे मौसम की स्थिति एक प्रमुख कारण है। हवा की गति कम होने और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक तत्व हवा में जमा हो रहे हैं।

    इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं और स्थानीय प्रदूषण स्रोत जैसे वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य और औद्योगिक उत्सर्जन भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं। ‘गंभीर’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी की वायु स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक मानी जाती है। इससे सांस संबंधी समस्याएं, आंखों में जलन, गले में खराश और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियों से बचें, मास्क पहनकर ही बाहर निकलें और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • दिल्ली में वकीलों का हल्ला बोल – अदालतों से सड़कों तक गूँजा विरोध

    दिल्ली की अदालतों के बाहर आज अद्वितीय नज़ारा देखने को मिला। काले कोट पहने वकीलों का सैलाब सड़कों पर उतर आया और जगह-जगह न्याय की गूंज सुनाई दी।

    विवादित आदेश बना वजह

    13 अगस्त को उपराज्यपाल (LG) ने एक विवादित आदेश जारी किया था, जिसके तहत पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने थानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये गवाही देने की अनुमति दी गई। इस आदेश का दिल्ली की वकालत बिरादरी ने कड़ा विरोध किया।

    22 अगस्त को वकीलों ने सभी ज़िला अदालतों में हड़ताल का ऐलान किया, लेकिन जब सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की तो 25 अगस्त को वकील सड़क पर उतर आए।

    अदालतों के बाहर प्रदर्शन

    आज तिस हज़ारी कोर्ट, रोहिणी कोर्ट और साकेत कोर्ट के बाहर वकीलों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। चारों तरफ नारे गूँज रहे थे –

    “काला कानून वापस लो”

    “वकील एकता ज़िंदाबाद”

    “तानाशाही नहीं चलेगी”

    “LG साहब होश में आओ”

    “BJP हाय-हाय”

    “LG मुर्दाबाद”

    अदालतों के भीतर कुर्सियाँ खाली पड़ी थीं, लेकिन बाहर वकील न्याय के लिए आवाज़ बुलंद कर रहे थे।

    वकीलों का तर्क

    वकीलों का कहना है कि यह आदेश न केवल ग़ैरकानूनी है बल्कि न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांत पर भी हमला है। उनका आरोप है कि अगर गवाह थानों से बयान देंगे तो उन पर दबाव डाला जा सकता है, जिससे आपराधिक न्याय प्रणाली खतरे में पड़ जाएगी।

    आंदोलन को मिला बड़ा समर्थन

    दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि कई अधिवक्ताओं ने सोशल मीडिया और WhatsApp ग्रुप्स पर साझा संदेशों में साफ़ लिखा है –
    “अगर जरूरत पड़ी तो उपराज्यपाल आवास का घेराव भी किया जाएगा।”

    न्याय की आत्मा की जंग

    आज यह आंदोलन केवल वकीलों की लड़ाई नहीं, बल्कि न्याय की आत्मा को बचाने की जंग बन चुका है। सरकार के सामने अब बड़ा सवाल यह है कि क्या वह आदेश वापस लेगी या फिर संघर्ष और तेज़ होगा।

  • मंजिल तय करने से पहले मौत के मुंह में शमा गया एयर इंडिया का AI171 विमान जिसमें 242 पैसेंजर थे सवार…

    अहमदाबाद: 12 जून 2025 । अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे के बाद घटनास्थल से विचलित करने वाला मंजर सामने आया है। हादसे के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को राहत और बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया है। आपको बता दें कि एअर इंडिया विमान संख्या- AI171 वीरवार की दोपहर में 12 जून को दुर्घटनाग्रस्त हुई। अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहे विमान हादसे पर एअर इंडिया प्रवक्ता ने कहा कि विवरण का पता लगाया जा रहा है। विमान हादसे की शुरुआती तस्वीरों में देखा जा सकता है कि धुएं और आग का गुबार उठ रहा है। एअर इंडिया फ्लाइट अहमदाबाद के मेघाणीनगर में क्रैश हुई है। एअर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी विमान हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट 171 आज एक दुखद हादसे का शिकार हो गई। इस घटना से प्रभावित सभी लोगों और उनके परिवारों के लिए हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का विमान गुरुवार दोपहर 1338 बजे टेकऑफ हुआ। एअर इंडिया के मुताबिक बोइंग 787-8 मॉडल के इस विमान में 242 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। इनमें से 169 भारतीय नागरिक हैं। खबरों के मुताबिक दिल्ली से अहमदाबाद की तरफ जाने वाले विमानों को रद्द किया गया है। घटनास्थल पर राहत औऱ बचावकार्य जारी है वहीं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी कि (एनडीआरएफ) समेत स्थानीय राहत और बचाव कार्य एजेंसियों को मौके पर तैनात रखा गया है। दुर्घटनाग्रस्त हुई एअर इंडिया की फ्लाइट डॉक्टरों के हॉस्टल पर गिरी है। खबरों के मुताबिक इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे। मिली जानकारी के अनुसार विमान के टेक ऑफ के समय ईंधन पूरा भरा होता है, इसीलिए हादसा अधिक घातक हुआ। विमान में ईंधन अधिक होने के कारण आग ज्यादा भड़की।

  • Indian Railways में Tatkal Ticket Booking को लेकर बड़ा बदलाव, अब Aadhaar होगा Mandatory

    Indian Railways ने Tatkal Ticket Booking सिस्टम को ज्यादा Fair और Secure बनाने के लिए एक बड़ा Digital बदलाव किया है। अब Tatkal Ticket बुक करने के लिए e-Aadhaar Verification अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया है। यह कदम Scalping, Bot Usage और Fake ID पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।

    रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw के मुताबिक, जिन यूज़र्स ने अपना IRCTC अकाउंट Aadhaar से Link किया है, उन्हें Tatkal Booking खुलते ही पहले 10 मिनट में Priority Access मिलेगा। इस Window के दौरान न तो कोई Agent और न ही बिना Verify किया गया यूज़र टिकट बुक कर पाएगा।

    वहीं जिन लोगों ने Aadhaar Verify नहीं किया है, उन्हें Registration के तीन दिन बाद ही Opening ARP, Tatkal या Premium Tatkal Tickets बुक करने की अनुमति मिलेगी।

    रेलवे अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जल्द ही Counter-Based Tatkal Booking में भी Aadhaar Verification लागू हो सकता है — जिससे Online और Offline दोनों प्लेटफॉर्म पर Equal Opportunity मिले।

    इसके साथ Railway ने IRCTC वेबसाइट की Performance बढ़ाने के लिए Anti-BOT Systems और Top CDN Network को Implement किया है। पहले Tatkal Hours के दौरान 50% से ज़्यादा Login Attempts Bots के ज़रिए होते थे, लेकिन अब ये काफी हद तक Control में हैं।

    हाल ही में Indian Railways ने 2.5 करोड़ Suspicious User IDs को Deactivate किया है। 22 मई 2025 को Railways ने नया Record बनाया — सिर्फ 1 Minute में 31,814 Tickets Book हुए।

    फिलहाल, IRCTC Platform की Speed और Reliability काफी Improved है। 87% Static Content अब CDN से Serve हो रहा है जिससे Website Load Time काफी कम हुआ है। FY 2024-25 में Daily Logins में 20% की Growth और Ticket Bookings में 11.85% की बढ़ोतरी हुई है।

    Railways ने यात्रियों को यह भी सलाह दी है कि अगर किसी तरह की Cyber Fraud या Suspicious Activity दिखे, तो तुरंत Cyber Crime Portal पर Report करें।

    तो अब अगर आप Tatkal Ticket बुक करना चाहते हैं — तो ध्यान रखें, Aadhaar Link करना ज़रूरी है। क्योंकि अब Indian Railways का नया सिस्टम साफ़ कहता है:

    👉 “No Aadhaar, No Tatkal!”

  • इंदौर में दौड़ने लगी मेट्रो ट्रेन, एक सप्ताह तक है फ्री सर्विस, पीएम मोदी ने किया उद्धाटन

    इंदौर: 31 मई । एमपी के इंदौर को बड़ी सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी है। इंदौर में आज से मेट्रो सेवा की शुरुआत हो गई है। पहले दिन महिलाएं मेट्रो में सफर कर रही हैं। यह मेट्रो सेवा अभी 6 किलोमीटर के रूट पर शुरू हुई है। इस रूट पर 5 स्टेशन हैं। मेट्रो शुरू होने से शहर में ट्रैफिक और प्रदूषण कम होने की उम्मीद है। पहले हफ्ते में लोग मुफ्त में मेट्रो में सफर कर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली भोपाल से इसकी शुरुआत की है।

    पहले दिन क्या खास

    इंदौर मेट्रो की पहली राइड महिलाओं के नाम रही। इसमें एक दिव्यांग महिला समेत कई महिलाओं ने सफर का आनंद लिया। इस दौरान महिलाएं ट्रेन में लोक गीत गाती हुईं नजर आईं। मेट्रो में बुजुर्ग. युवा और बच्चियां सभी उत्साहित नजर आईं।

    सभी स्टेशनों के नाम वीरांगनाओं के नाम पर

    इंदौर मेट्रो के टर्मिनल का नाम देवी अहिल्या बाई होलकर स्टेशन रखा गया है। वहीं इसके अन्य सभी स्टेशनों के नाम भी वीरांगनाओं के नाम पर ही रखे गए हैं। पहले दिन टर्मिनल से निकलने के बाद मेट्रो महारानी लक्ष्मीबाई स्टेशन, रानी अवंती बाई लोधी स्टेशन और रानी दुर्गावती स्टेशन, फिर वीरांगना झलकारी बाई स्टेशन तक चली।

    पहले दिन नॉन स्टॉप 11 मिनट सफर

    इंदौर में पहली बार चली मेट्रो 12.20 बजे आखिरी स्टेशन वीरांगना झलकारी बाई स्टेशन पर पहुंची। मेट्रो ने 5.9 किमी का ये सफर 11 मिनट में पूरा किया। इस दौरान मेट्रो कहीं नहीं रुकी।

    हर 30 मिनट में मिलेगी मेट्रो

    पहले सप्ताह में मेट्रो का संचालन नि:शुल्क रहेगा। ट्रेन का शेड्यूल सुबह 8 से रात 8 तक रहेगा। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का दावा है कि हर 30 मिनट में मेट्रो ट्रेन उपलब्ध रहेगी। न्यूनतम किराया 20 तो अधिकतम 30 रुपए रखा गया है। शुरुआत में 10 कोच चलाने की योजना है।

    एआइ तकनीक वाले हैं कोच

    सरकार ने इंदौर मेट्रो में 3 डिब्बों के 75 कोच चलाने का फैसला किया है। अब तक 14 कोच आए हैं। पहला कोच 31 अगस्त 2023 को वडोदरा की कंपनी से सड़क मार्ग से लाया गया था। कोच एआइ तकनीक से लैस हैं। दावा है कि कोच या ट्रैक पर आपत्तिजनक वस्तु रखी होगी तो कैमरे अलर्ट कर देंगे। ट्रैक पर व्यवधान रहा तो एआइ तकनीक खुद ब्रेक लगा देगी। ऊर्जा संरक्षण भी ऑटोमेटिक मोड पर है। ट्रेन बिना पायलट भी चल सकती है, लेकिन शुरुआती दौर में पायलट ही इसका संचालन करेंगे।

    7 लांचर लगाकर किया था काम तेज

    वर्ष 2022 तक मेट्रो कॉरिडोर का ज्यादा काम नहीं हुआ था। गांधी नगर डिपो बनाने में प्लानिंग बदली और 40 मकानों को बचाकर डिपो का काम शुरू किया। गांधी नगर से टीसीएस चौराहे तक पीलर बनानेे का काम नहीं हुआ था। इसके लिए योजना बनाई गई। आइडीए से संपर्क कर जमीनों का मामला क्लियर किया। जब सेगमेंट लॉन्च करने की बात आई तो एक साथ 7 लांचर लगाए गए। इससे काम में तेजी आई। इसमें करीब 650 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

    केएस चौहान (मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के पहले जीएम)

    पहले क्रॉस रूट तय था, काम तीसरे का हुआ

    वर्ष 2011-12 में मेट्रो का क्रॉस रूट तय हुआ था। एक रूट में देवास नाका से पाटनीपुरा चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन और वहां से फूटी कोठी के बीच मेट्रो चलाने की बात थी। क्रॉस रूट में एयरपोर्ट से एमजी रोड होते हुए बंगाली कॉलोनी चौराहे तक मेट्रो चलनी थी। बाद में तीसरा रूट तय कर काम शुरू कर दिया। इस रूट में मेट्रो को अभी ज्यादा यात्री नहीं मिलेंगे, लेकिन इंदौर को बड़ी सौगात मिल जाएगी। मेट्रो रूट की रिंग बनेगी, तब इसका सही और ज्यादा इस्तेमाल हो पाएगा। इसमें करीब 5 साल लग सकते हैं। सौगात का इंतजार करना होगा।

    अतुल सेठ, आर्किटेक्ट

    मेट्रो ट्रेन की बिजली व्यवस्था का लिया जायजा

    इंदौर. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने शुक्रवार दोपहर मेट्रो ट्रेन के सुपर कॉरिडोर स्थित स्काडा कंट्रोल सेंटर का दौरा किया। उन्होंने यार्ड एवं थर्ड रेल संबंधी जानकारी ली। इसके बाद उज्जैन रोड स्थित जैतपुरा के 220 केवी अति उच्च दाब सब स्टेशन पहुंचे और यहां से सुपर कॉरिडोर तक मेट्रो के लिए स्थापित की गई 33 केवी पैंथर लाइन से बिजली सप्लाय व्यवस्था देखी।

    जानें, कैसे हैं इंतजाम

    • एक कोच में 50 लोगों के बैठने और 300 लोगों के खड़े होने की व्यवस्था है। एक ट्रेन की यात्री क्षमता 980 है।
    • सभी कोच में एलईडी लाइट लगी है, जो रोशनी के हिसाब से एडजस्ट होगी।
    • प्रत्येक कोच की लंबाई 22 तो चौड़ाई 2.9 मीटर है।
    • एक कोच में 8 (4-4 दोनों साइड) ऑटोमेटिक गेट हैं। कांच की खिड़कियां हैं। ग्रैब हैंडल, डिजिटल रूट मैप आदि हैं।

    टिकट ऐसे लें

    मेट्रो स्टेशन पर टिकट खिड़कियां बनाई गई हैं। बाद में डिजिटल प्लेटफॉर्म से टिकट वितरण की संभावना है। ऐप आदि डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए जाएंगे। टिकट क्यूआर कोड आधारित रहेंगे। गेट पर स्वचलित किराया संग्रह (एएफसी) प्रणाली रहेगी। क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद ही स्टेशन में प्रवेश मिलेगा। दो चरण में यात्रियों की चेकिंग होगी, फिर वे ट्रेन में प्रवेश कर पाएंगे।

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