नई दिल्ली: 23 October 2024। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने दीनपुर रोड पर 13 भोजनालयों और ढाबों को सील कर दिया है। यह रोड द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन-2 रोड को जोड़ता है। बिना लाइसेंस के अवैध रूप से ढाबे का संचालन करने और पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक में बाधा उत्पन्न करने का आरोप है। यह जानकारी मंगलवार को एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
जन स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन भोजनालयों के बारे में शिकायतें मिलने पर दीनपुर रोड का सर्वे किया गया। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, ‘शाम को ट्रैफिक जाम और स्थानीय निवासियों एवं यात्रियों को असुविधा के साथ-साथ खुलेआम शराब पीने की खबरें मिली थीं। 13 यूनिट्स को नोटिस जारी किए गए और सोमवार शाम को इन सभी इकाइयों को सील कर दिया गया।’
नजफगढ़ जोन के उप स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अनिकेत सिरोही ने कहा कि यह भोजनालय अस्वास्थ्यकर (अनहाइजेनिक) खाना बेच रहे थे, जिससे लोगों को बीमारियों का खतरा था। उन्होंने कहा, ‘इन्हें वैध नगरपालिका स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस के बिना भी चलाया जा रहा था। यह अभियान अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा।’
दिल्ली नगर निगम अधिनियम के अनुसार, भोजनालय चलाने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसमें भोजनालय, होटल, कॉफी शॉप, रेस्तरां, बेकरी, तंबाकू/पान की दुकानें और फूड ट्रक जैसे प्रतिष्ठान शामिल हैं। सिविक संस्था प्रसंस्करण शुल्क, एकमुश्त पंजीकरण शुल्क और वार्षिक लाइसेंस शुल्क के रूप में 1,000 रुपए लेता है।
स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, ‘ऑपरेटर को कर्मचारियों और फूड हैंडलर्स के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट प्रदान करना होगा, साथ ही न्यूनतम निर्धारित स्वच्छता शर्तों का भी पालन करना होगा। बड़े रेस्तरां के लिए, ट्रीटमेंट प्लांट भी अनिवार्य है और बिना लाइसेंस के यूनिट चलाने पर जुर्माना और सीलिंग हो सकती है।’
नई दिल्ली: 22 अक्टूबर। घरेलू सर्राफा बाजार में आज एक बार फिर तेजी का रुख नजर आ रहा है। सोने के भाव में आज 250 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की तेजी आई है। इसी तरह चांदी ने आज उछल कर एक लाख रुपये के स्तर को पार कर लिया है। सोने की कीमत में आई तेजी के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 79,800 रुपये से लेकर 79,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 73 हजार के स्तर को पार करके 73,160 रुपये से लेकर 73,010 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। सर्राफा बाजार में आज चांदी ने भी 1,700 रुपये प्रति किलोग्राम की छलांग लगाई है। इस तेजी आने के कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में ये चांदी आज 1,01,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर है।
देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 79,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 73,160 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 79,650 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 73,010 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 79,700 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 72,060 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 79,650 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 73,010 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 79,650 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 73,010 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 79,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 73,160 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं, पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 79,700 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 73,060 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 79,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 73,160 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी तेजी आने की वजह से आज सोना महंगा हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना आज 79,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 73,010 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।
नयी दिल्ली: 22 अक्टूबर। के बिड़ला समूह ने आज अडानी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स का अपना सीमेंट संयंत्र ओरिएंट सीमेंट लिमिटेड को 8100 करोड़ रुपए में बेचने का करार किया
कंपनी ने यहां जारी बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि सी के बिड़ला समूह अपनी संपूर्ण शेयरधारिता हस्तांतरित करने के लिए निर्णायक समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत कंपनी का मूल्यांकन 8100 करोड़ रुपये किया गया, जिसका मूल्य 395.4 रुपये प्रति शेयर है। यह लेन-देन नियामक अनुमोदन के अधीन है, जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा अनुमोदन और संबंधित सेबी विनियमों के तहत अनिवार्य ओपन ऑबर शामिल है।
अडानी समूह एक अग्रणी और अत्यधिक मान्यता प्राप्त समूह है, जिसके पास बुनियादी ढांचे से लेकर ऊर्जा तक के विश्व स्तरीय व्यवसायों का पोर्टफोलियो है। सी के बिड़ला समूह, एक भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह है, जिसके पास 150 से अधिक वर्षों का व्यवसाय और परोपकारी योगदान है, जो प्रौद्योगिकी, ऑटोमोटिव, घर और भवन और स्वास्थ्य सेवा सहित विविध क्षेत्रों में काम करता है, जहाँ यह निवेश करना जारी रखता है।
ओरिएंट सीमेंट और सीके बिड़ला समूह के अध्यक्ष सी के बिड़ला ने कहा, “हमारा समूह उपभोक्ता केंद्रित, प्रौद्योगिकी संचालित और सेवा आधारित व्यवसायों पर अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए लगातार पूंजी का पुनर्वितरण कर रहा है। मुझे ओरिएंट सीमेंट के प्रीमियम ब्रांड बनाने और अपने संचालन वाले भौगोलिक क्षेत्रों में अग्रणी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने के प्रभावशाली ट्रैक रिकॉर्ड पर गर्व है। हमें विश्वास है कि सीमेंट और बुनियादी ढांचे पर अपने मजबूत फोकस के साथ अदानी समूह हमारे लोगों और हितधारकों के लिए ओरिएंट सीमेंट में निरंतर विकास को आगे बढ़ाने के लिए आदर्श नया मालिक है।”
सीके बिड़ला समूह की सह-अध्यक्ष अमिता बिड़ला ने कहा, “ओरिएंट सीमेंट की बाजार में मजबूत उपस्थिति है, जिसमें स्थिरता पहल, विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, इसके डीएनए का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुझे विश्वास है कि अंबुजा सीमेंट्स ओरिएंट सीमेंट में हमारे सभी सहयोगियों के साथ-साथ हमारे ग्राहकों के लिए सही घर है।”
अंबुजा सीमेंट्स के पूर्णकालिक निदेशक करण अडाणी ने कहा, “समय पर किया गया यह अधिग्रहण, अंबुजा सीमेंट्स की त्वरित विकास यात्रा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिससे अधिग्रहण के दो वर्षों के भीतर सीमेंट क्षमता में 30 मीटीपीए की वृद्धि हुई है। ओरिएंट सीमेंट का अधिग्रहण करके, अंबुजा वित्त वर्ष 25 में 100 मीटीपीए सीमेंट क्षमता तक पहुँचने के लिए तैयार है। इस अधिग्रहण से अदाणी सीमेंट को मुख्य बाजारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और अखिल भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी में 2 प्रतीक्षा तक सुधार करने में मदद मिलेगी।”
न्यूयॉर्क/नई दिल्ली: 22 अक्टूबर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि वैश्विक परिवेश के लगातार जटिल होते जाने के बावजूद भारत के व्यापक आर्थिक बुनियादी ढांचे मजबूत बने हुए हैं, जो भविष्य के विकास के लिए एक मजबूत आधार के रूप में काम कर रहे हैं।
श्रीमती सीतारमण ने यहां कोलंबिया यूनिवर्सिटी में एक परिचर्चा में यह बात कही। उन्होंने कहा कि 2013 में, भारत बाजार विनिमय दरों पर दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी। वर्तमान में, यह पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है,और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अनुमान लगाया है कि यह 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। वैश्विक विकास में भारत के योगदान में अगले पाँच वर्षों में 200 आधार अंकों की वृद्धि होने का अनुमान है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की अच्छी आर्थिक वृद्धि का श्रेय इसके बेहतर कोविड-19 प्रबंधन को दिया जा सकता है, साथ ही सरकार द्वारा अपनी विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने, डिजिटल और वित्तीय प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करने, नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और व्यापार करने में आसानी बढ़ाने के लिए किए गए उपायों की एक श्रृंखला को भी दिया जा सकता है।
श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वित्तीय समावेशन के विस्तार ने एक अधिक जीवंत और लचीली वित्तीय प्रणाली बनाई है। बैंक खातों वाले वयस्कों की संख्या 2011 से दोगुनी से अधिक हो गई है, जिससे बचतकर्ताओं और निवेशकों का एक बड़ा समूह उपलब्ध हुआ है। वित्तीय पहुँच में यह वृद्धि, अधिक शिक्षित और कुशल कार्यबल के साथ मिलकर, भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में उभरते रुझानों का लाभ उठाने की स्थिति में ला खड़ा करती है।
वित्त मंत्री ने प्रश्नों के उतर में कहा कि भारत की बैंकिंग प्रणाली मजबूत बनी हुई है, जिसमें गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों का स्तर कम है और पूंजी पर्याप्तता अनुपात उच्च है। वित्तीय क्षेत्र प्रमुख उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक ऋण प्रदान करके विकास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी आई है, जिसमें भारतमाला और सागरमाला जैसी बड़े पैमाने की परियोजनाओं ने पूरे देश में कनेक्टिविटी सुनिश्चित की है। डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश ने अर्थव्यवस्था की झटकों को झेलने की क्षमता को और मजबूत किया है, डिजिटल वित्तीय समावेशन ने उन लाखों नागरिकों तक पहुँच प्रदान की है जो पहले वंचित थे।
श्रीमती सीतारमण ने कहा “2047 तक, जब भारत स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा, तो हमारे पास समृद्धि के एक नए युग को परिभाषित करने का मौका होगा – न केवल हमारे अपने नागरिकों के लिए बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी। दुनिया में भारत की भूमिका बढ़ रही है और हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने, अपने नवाचारों को साझा करने और वैश्विक शांति और समृद्धि में योगदान देने के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने कहा कि आने वाले दशक इस बात से परिभाषित होंगे कि भारत अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का प्रबंधन कैसे प्रभावी ढंग से करता है, अपनी वैश्विक साझेदारी को मजबूत करता है और तेजी से बदलती दुनिया की जटिलताओं को कैसे पार करता है।
श्रीमती सीतारमण ने कहा कि आगे भारत के लिए न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि प्रौद्योगिकी, स्थिरता और समावेशी विकास पर वैश्विक विमर्श को आकार देने के लिए चुनौतियां भी हैं और भरपूर अवसर भी हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में जीवन के प्रति व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हुए और योजनाओं को लागू करते हुए कई कदम उठाए गए हैं, जिन्हें हमने कागजों पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी लागू किया है। वित्तीय समावेशन, गारंटी मुक्त ऋण, ब्याज में छूट, किफायती आवास, किफायती गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना, स्वच्छता, आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से गरीबों के लिए स्वास्थ्य बीमा आदि – इन सभी ने गरीबी के विभिन्न पहलुओं को लक्षित किया है, जिससे असमानता कम हुई है। इसलिए, आजकल असमानता को पहले से कहीं बेहतर तरीके से पाटा जा रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा ” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि महिलाएं नेतृत्व करें और हमेशा उनके लिए बोलते हैं।
भारत सरकार की ड्रोन दीदी योजना जिस पर मुझे बहुत गर्व है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को ड्रोन चलाना और उसका उपयोग करना सिखाया जा रहा है। इस योजना ने गांवों में मानसिकता में बदलाव लाया है, जहां महिलाएं अब तकनीक का उपयोग कर रही हैं। अच्छी बात यह है कि सरकार द्वारा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उठाया गया एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम सफल रहा है और आज ड्रोन दीदियां लखपति दीदियां भी बन रही हैं।”
उन्होंने कहा ” आज भारत का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि हमारे सभी भागीदारों के साथ हमारे ऐसे संबंध हों, जहाँ आर्थिक और सामरिक संबंध मजबूत हो सकें। आज एक तस्वीर उभर रही है कि भारत कई गुटों से संबद्ध होने के बावजूद अपनी तटस्थ, गुटनिरपेक्ष स्थिति बनाए हुए है।”
श्रीमती सीतारमण ने कहा ” जब भारतीय अर्थव्यवस्था की बात आती है तो सरकार की अपने 1.4 अरब नागरिकों के प्रति बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हमारा कर्तव्य है कि हम सुनिश्चित करें कि उनकी आकांक्षाएँ पूरी हों और उन्हें वे सुविधाएँ प्रदान करें जो वे चाहते हैं। इसके लिए हमें भारत के हितों को सबसे ऊपर रखना होगा।”
वित्त मंत्री ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी एक ऐसी चीज है जिस पर प्रत्येक राष्ट्र का अपना दृष्टिकोण होता है। इसके लिए समाधान राष्ट्र-विशिष्ट और देश के संदर्भ में उपयुक्त होने चाहिए। जैसे, भारत के भीतर कई भू-जलवायु पारिस्थितिकी तंत्र हैं। इसलिए, जो समाधान पहाड़ों के लिए उपयुक्त हो सकता है, वह अर्ध-शुष्क मैदानों के लिए अच्छा नहीं हो सकता।
भोपाल: 22 अक्टूबर। आंध्र प्रदेश के तिरुपति स्थित बालाजी के मंदिर के प्रसाद में घी के स्थान पर मिलावटी घी का इस्तेमाल किए जाने के लगे आरोपों के बीच घी, पनीर, दूध और खोया में मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही का खुलासा हुआ है। वित्त वर्ष 2022-23 में 6,853 मिलावटखोरों पर कार्रवाई कर 22 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है।
मध्य प्रदेश के नीमच जिले से नाता रखने वाले सूचना के अधिकार के कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बीते पांच सालों में देशी घी, पनीर, दूध और खोया के लिए गए सैंपल और उन पर हुई कार्रवाई का भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से ब्यौरा मांगा था। गौड़ को एफएसएसएआई ने जो विवरण उपलब्ध कराया गया है उसके मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 में कुल 39,091 नमूनों का परीक्षण किया गया। इनमें से 10,381 के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए और उनमें से 6,853 को दोषी पाते हुए जुर्माना लगाया गया। लगाई गई जुर्माने की रकम 22,27,91,500 (22 करोड 27 लाख 91 हजार 500 रुपए) है।
इसी तरह वर्ष 2019-20 में एफएसएसएआई ने 12,538 नमूनों का परीक्षण किया। इनमें से 4,561 के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ और 695 को दोषी पाए जाने के साथ उन पर जुर्माना लगाया गया। इन मिलावटखोरों पर कुल 9 करोड़ 5 लाख 85 हजार 125 रुपए का जुर्माना लगाया गया। बात 2020-21 की करें तो उस वर्ष एफएसएसएआई ने कुल 9,717 नमूनों का परीक्षण किया । इनमें से 3,082 के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ और 525 को दोषी पाते हुए उन पर जुर्माना लगाया गया। इन मिलावटखोरों पर 6 करोड़ 62 लाख 12 हजार 595 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
सूचना के अधिकार के कार्यकर्ता गौड़ को एफएसएसएआई की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक वर्ष 2021-22 में 11,148 नमूनों का परीक्षण किया गया। इनमें से 3,959 कारोबारी पर प्रकरण दर्ज हुआ जिनमें से 552 को दोषी पाते हुए उन पर 5 करोड़ 34 लाख 71 हजार 745 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
बीते वित्त वर्ष 2023- 24 में कुल 38,498 सैंपल लिए गए जिनका परीक्षण हुआ। इनमें से कितने लोगों पर प्रकरण दर्ज हुआ कितने लोग दोषी पाए गए हैं और उन पर कितना जुर्माना लगाया गया है यह विवरण वित्त वर्ष के छह माह बीत जाने के बाद भी आना बाकी है ,जो कि अपने आप में कुछ सवाल खड़े करता है।
सूचना के अधिकार के तहत चंद्रशेखर गौड़ को मिले जवाब के मुताबिक बीते चार साल ( वित्त वर्ष 2019-20 से 2022-23 की अवधि ) में कुल 72,494 नमूनों का परीक्षण किया गया। इनमें से 21,983 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज हुए और इनमें से 8,625 को दोषी मानते हुए उन पर जुर्माना लगाया गया। चार साल में कुल जुर्माना 43 करोड़ 30 लाख 60 हजार 965 रुपए लगाया गया।
वित्त वर्ष 2019-20 से 2021-22 की तीन साल की अवधि में 11,602 मिलावटखोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए हैं और जुर्माना मात्र 1,772 मिलावटखोरों के खिलाफ ही लगाया गया है और इन पर 21,02,69,465 रुपये का जुर्माना लगाया गया है ।
जबकि इसके ठीक अगले एक वित्त वर्ष 2022-23 में 10,381 मिलावटखोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए हैं जिनमें से 6,853 मिलावट खोरों पर 22,27,91,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है । ऐसे में अकेले वित्त वर्ष 2022-23 में मिलावटखोरों पर लगाई गई राशि 22,27,91,500 रुपये है। इसके पूर्व के तीन वर्षों 2019-20 से 2021-22 की अवधि में जुर्माने पर लगाई गई राशि 21,02,69,465 रुपए है ।
सूचना के अधिकार के कार्यकर्ता गौड़ का कहना है कि मिलावटखोरी मनुष्यता के प्रति बड़ा अपराध है, इस पर सरकार को कठोरतम कार्रवाई करते हुए इन कारोबारियों पर आजीवन प्रतिबंध लगाना चाहिए।
हैदराबाद: 22 अक्टूबर। कप्तान असलम इनामदार की अगुवाई में डिफेंडिंग चैंपियन पुणेरी पलटन ने तीन बार की चैंपियन पटना पायरेट्स को हराकर प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 11वें सीजन में अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज कर ली। पुणेरी ने सोमवार रात गाचीबोवली इंडोर स्टेडियम में खेले गए सीजन के 8वें मैच में पटना को 40-25 से हरा दिया। पटना को सीजन के पहले ही मैच में हार का मुंह देखना पड़ा।
पुणेरी ने डिफेंस में 20 और रेड में 15 अंक बटोरे। पलटन के लिए असलम (9 अंक) के अलावा मोहित गोयत (8 अंक), डिफेंडर अमन (6 अंक) और गौरव खत्री (6) ने भी दमदार प्रदर्शन किया। पटना के लिए देवांक (6 अंक) के अलावा अंकित (6 अंक) और अयान (5 अंक) ही अंक जुटा पाए।
डिफेंडिंग चैंपियन पुणेरी पलटन ने मुकाबले में शानदार शुरुआत की और पहले तीन मिनट के अंदर की 4-0 की लीड बना ली। लेकिन तीन बार की चैंपियन पटना ने भी सुपर टैकल से अंक लेकर बेहतरीन आगाज किया। पायरेट्स ने डू ऑर डाई में मोहित गोयत को टैकल करके स्कोर को 4-4 की बराबरी पर ला दिया।
पुणेरी की टीम ने इसके बाद कप्तान असलम इनामदार के सुपर रेड के दम पर पहले 10 मिनट के खेल में खुद को 7-5 से आगे कर लिया। पहले हाफ के शुरुआती 10 मिनटों के अंदर असलम ने तीन और अमन ने डिफेंस में दो अंक जुटाए।
मौजूदा चैंपियन ने इसके बाद 13वें मिनट में जाकर पटना को मैच में पहली बार ऑलआउट कर दिया और स्कोर को 13-6 तक पहुंचा दिया। पटना की टीम सिर्फ डिफेंस में अंक ले पा रही थी और रेडिंग में शुभम शिंदे की टीम पीछे चल रही थी। पुणेरी पलटन ने यहां से लगातार अंक लेते हुए 15वें मिनट तक अपने स्कोर को 16-8 का कर दिया। असलम की टीम डिफेंस और रेडिंग के अलावा लगातार बोनस के जरिए भी अंक जुटा रही थी।
उधर, पुणेरी का डिफेंस लगातार दहाड़ रहा था और इसकी बदौलत टीम 17वें मिनट तक 18-8 से आगे हो गई। पलटन के डू ऑर डाई स्पेशलिस्ट मोहित गोयत ने भी मैच में अपना तीसरा अंक लेकर टीम की लीड को और मजबूत कर दिया। अगले ही मिनट में अमन ने अपने पीकेएल करियर का पांचवां हाई-फाइव भी पूरा कर लिया।
हाफ टाइम से पहले ही पटना एक बार फिर से ऑलआउट की कगार पर पहुंच गई। लेकिन पायरेट्स ने मोहित को सुपर टैकल करके खुद को ऑलआउट होने से बचा लिया। इसके बावजूद पुणेरी पलटन ने 20-10 से पहले हाफ को अपने पक्ष में रखा। पहले हाफ के अंदर ही जहां अमन ने अपना हाई फाइव पूरा किया तो वहीं कप्तान असलम ने सात अंक लिए।
सेकेंड हाफ के शुरू होने के बाद पटना एक बार फिर से ऑलआउट की कगार पर थी, लेकिन अयान ने असलम को बाहर कर दिया। पायरेट्स ने फिर सुपर टैकल करके अपनी वापसी का ऐलान कर दिया। पारयेट्स की वापसी की कोशिश के बावजूद पुणेरी की टीम 25वें मिनट तक 10 अंकों से आगे थी और उसका स्कोर 23-13 का था।
अगले ही मिनट में पुणेरी ने पटना को मैच में दूसरी बार ऑलआउट कर दिया और 12 अंकोंगे की लीड के साथ स्कोर को 27-15 तक पहुंचा दिया। पुणेरी की टीम 30वें मिनट तक 13 अंकों की लीड लेकर 31-18 से आगे हो गई। पुणेरी पलटन ने अंतिम 10 मिनट के खेल में भी अपना दबदबा जारी रखा और 36वें मिनट तक 14 अंकों की विशाल लीड कायम कर ली। पुणेरी ने इसके साथ ही 39-25 के स्कोर के साथ इस सीजन की अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज कर ली।
नई दिल्ली: 21 अक्टूबर। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बीते तीन दिनों के अंदर हुए गोलीकांड, धमाके को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि दिल्ली वाले डर के माहौल में जी रहे हैं। किसी को भी नहीं पता, कब कहां से गोली चल जाए और गैंगवार शुरू हो जाए। आम आदमी पार्टी का कहना है कि त्योहारों की वजह से दिल्ली के बाजारों में अच्छी-खासी चहल-पहल है, लेकिन बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था के कारण आम लोगों में खौफ का माहौल है। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज का कहना है कि लोगों को डर है कि ना जाने कब और कहां गैंगवार हो जाए, गोलियां चलने लगे, कब कहां बम ब्लास्ट हो जाए। यह सब भाजपा की केंद्र सरकार की वजह से हो रहा है। अगर भाजपा दिल्ली की कानून व्यवस्था को नहीं संभाल पा रही है, तो ये लोग देश की सीमाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेंगे? सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति आवास, प्रधानमंत्री आवास, सुप्रीम कोर्ट, लाल किला, सुरक्षा एजेंसियों के ऑफिस सब हैं। दिल्ली पुलिस है, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा हुआ कौन सा ऐसा विभाग है, जिसका हेड क्वार्टर दिल्ली में ना हो। उसके बावजूद भी कौन सा ऐसा गैंग है, जो यहां पर सक्रिय नहीं है। दिल्ली में जहां देखो, वहां गोलियां चल रही हैं, चाहे मिठाई की दुकान हो, होटल हो, वेलकम कॉलोनी में 60 राउंड सड़क पर ही गोलियां चल जाती है, जीके में जिम संचालक की शाम के वक्त हत्या कर दी जाती है। यह सब केंद्र सरकार संभाल नहीं पा रही है।
नई दिल्ली: 21 अक्टूबर। रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश में 2024 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 41 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 0.96 अरब डॉलर तक पहुंच गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछली तिमाही में रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश 3.1 अरब डॉलर था, जो कि 2024 की सितंबर तिमाही में घटा है। वेस्टियन रिसर्च ने एक रिपोर्ट में कहा कि तिमाही आधार पर 69 प्रतिशत की इस गिरावट के बावजूद दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, क्योंकि निवेश लगभग एक अरब डॉलर के आंकड़े को छू रहा है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “पिछले वर्ष की तुलना में निवेश में वृद्धि मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि का प्रमाण है। परिणामस्वरूप, विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 2023 की तीसरी तिमाही में 27 प्रतिशत से बढ़कर 2024 की तीसरी तिमाही में 46 प्रतिशत हो गई।” रिपोर्ट में कहा गया है, “इसके विपरीत, घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी एक साल पहले इसी तिमाही के 71 प्रतिशत से घटकर 2024 की तीसरी तिमाही में 43 प्रतिशत रह गई। हालांकि, मूल्य के लिहाज से यह कमी केवल 15 प्रतिशत थी।” वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव ने कहा, “मजबूत जीडीपी वृद्धि के दम पर निवेशकों ने भारत के विकास पर भरोसा दिखाया है। नतीजतन, रियल एस्टेट सेक्टर में विदेशी निवेशकों की भागीदारी बढ़ी, जिसके कारण संस्थागत निवेश 2024 की तीसरी तिमाही में एक अरब डॉलर के आंकड़े को छू गया।” उन्होंने कहा, “इसके अतिरिक्त, घरेलू निवेशक भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जिन्हें देश भर में तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास से समर्थन मिल रहा है।” 2024 की तीसरी तिमाही में घरेलू निवेशकों के लिए आवासीय संपत्तियां पहली पसंद रहीं, जबकि वाणिज्यिक सौदों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 64 प्रतिशत रही। ऑफिस से काम करने की अनिवार्यता और जीसीसी (वैश्विक क्षमता केंद्र) की बढ़ती प्रमुखता ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया, जिससे वाणिज्यिक निवेश की हिस्सेदारी 2023 की तीसरी तिमाही के 24 प्रतिशत से बढ़कर 2024 की तीसरी तिमाही में 71 प्रतिशत हो गई। दूसरी ओर, आवासीय क्षेत्र की हिस्सेदारी 2024 की तीसरी तिमाही में घटकर 19 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 44 प्रतिशत थी। हालांकि, आने वाली तिमाहियों में आवासीय परिसंपत्तियों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि को-लिविंग, सीनियर हाउसिंग और सर्विस अपार्टमेंट जैसे विशिष्ट परिसंपत्ति वर्ग में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
नई दिल्ली: 21 अक्टूबर। देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल के प्रमुख सुनील भारती मित्तल ने सोमवार को कहा कि भारत एक ऐसा देश बन गया है, जहां आप स्थानीय स्तर पर उत्पादन, उपयोग और निर्यात कर सकते हैं।उन्होंने आगे कहा कि भारत से बहुत सारी कंपनियां वैश्विक स्तर पर उभर रही हैं। मौजूदा समय में देश की 95 प्रतिशत जनता को अच्छी क्वालिटी सिग्नल मिल रहे हैं। इसके कारण देश को डिजिटल की तरफ ले जाने में मदद मिली है।मित्तल के मुताबिक, मोबाइल नेटवर्क की क्वालिटी के मामले में हम अमेरिका, यूके और यूरोप से काफी आगे हैं।‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट-2024’ में बोलते हुए मित्तल ने कहा कि हमारे पड़ोसियों के विपरीत भारत के पैसे का वैश्विक मंच पर स्वागत किया जाता है।मित्तल ने आगे कहा कि चीन के निवेशों को ब्लॉक किया जा रहा है। पश्चिमी देश भी निजी निवेश को पसंद कर रहे हैं। हम देख रहे हैं कि भारत से जीएमआर एयरपोर्ट्स और अदाणी वैश्विक स्तर पर जा रहे हैं।टेलीकॉम कारोबारी ने कहा कि हमें अपने देश में सिंगापुर और जापान जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना होगा। सभी निवेशकों के लिए नीति का पूर्वानुमान आवश्यक है। पिछले दशक में हमने अधिक स्थिरता देखी है, नियम सरल हुए हैं।उन्होंने आगे कहा कि सभी उद्योगपतियों को पता है कि देश में खपत बढ़ने जा रही है।मित्तल ने आगे कहा कि सरकार की ओर से इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। एयरटेल की ओर से 30,000-35,000 करोड़ रुपये डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जा रहे हैं।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर उन्होंने कहा कि यह अर्थव्यवस्था, राजनीति और भू-राजनीति के लिए काफी प्रमुख होने वाला है। एआई का दुरुपयोग भी होगा, हमें और अधिक सतर्क रहना होगा।