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  • ऑपरेशन सिंदूर आतंकियों के खिलाफ सबसे सफल अभियान, गोली का जवाब मिलेगा गोले से : मोदी

    ऑपरेशन सिंदूर आतंकियों के खिलाफ सबसे सफल अभियान, गोली का जवाब मिलेगा गोले से : मोदी

    भोपाल: 31 मई । ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवादियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और सबसे सफल अभियान बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर बिना किसी का नाम लिए पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चुनौती देते हुए कहा कि अगर तुम गोली चलाओगे तो मान के चलो कि गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा।

    श्री मोदी यहां देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जन्मजयंती के अवसर पर महिला सशक्तिकरण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद विष्णुदत्त शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    इस दौरान श्री मोदी ने महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रसुरक्षा से कई बार जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत संस्कृति और संस्कारों का देश है। सिंदूर नारी शक्ति का प्रतीक है। रामभक्ति में लगे हनुमान भी सिंदूर को ही धारण किए है। हम शक्ति पूजा में सिंदूर को अर्पण करते हैं। ये ही अब भारत के शौर्य का प्रतीक बन गया है।

    इसी क्रम में उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकियों ने भारतीयों का खून ही नहीं बहाया, संस्कृति पर भी प्रहार किया। हमारे समाज को बांटने की कोशिश की, सबसे बड़ी बात, आतंकवादियों ने नारीशक्ति को चुनौती दी, लेकिन यही चुनौती आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए काल बन गई है। ऑपरेशन सिंदूर आतंकवादियों के खिलाफ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे सफल ऑपरेशन है, जहां पाक सेना ने सोचा भी नहीं था, वहां तक आतंकी ठिकानों को हमारी सेना ने मिट्टी में मिला दिया। सैकड़ों किलोमीटर तक घुस कर उन्हें मिट्टी में मिलाया। ऑपरेशन सिंदूर ने डंके की चोट पर कहा है कि आतंकवादियों के जरिए प्रॉक्सी वॉर नहीं चलेगा। घर में घुस कर मारेंगे और आतंकियों के मददगारों को भी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

    उन्होंने कहा कि भारत का एक-एक नागरिक और 140 करोड़ देशवासियों की बुलंद आवाज कह रही है कि अगर तुम गोली चलाओगे तो मान के चलो कि गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा।

    श्री मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर हमारी नारीशक्ति के सामर्थ्य का भी प्रतीक बना है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की इस पूरे अभियान में बड़ी भूमिका रही है। जम्मू से लेकर राजस्थान और गुजरात तक की सीमा पर बड़ी संख्या में बेटियों ने मोर्चा संभाला और सीमा पार गोलीबारी को मुंह तोड़ जवाब दिया। कमांड एंड कंट्रोल से लेकर दुश्मनों की चौकियां उड़ाने तक उन्होंने अद्भुत शौर्य दिखाया।

    श्री मोदी ने कहा कि राष्ट्र रक्षा में भारत की बेटियों का सामर्थ्य दिख रहा है। इसके लिए भी बीते दशक में सरकार ने अनेक कदम उठाए। स्कूल से लेकर युद्ध के मैदान तक, देश बेटियों के शौर्य पर अभूतपूर्व भरोसा कर रहा है। सेना ने पहली बार अब सैनिक स्कूलों के दरवाजे बेटियों के लिए खोले हैं। 2014 से पहले एनसीसी में सिर्फ 25 प्रतिशत कैडेट बेटियां होती थीं, जो आज 50 प्रतिशत हैं।

    उन्होंने कहा कि कल के दिन देश में एक और इतिहास बना है। नेशनल डिफेंस एकैडमी (एनडीए) में महिला कैडेट का पहला बैच पास आउट हुआ है। अब सेना, नौसेना और वायुसेना में बेटियां अग्रिम मोर्चे पर तैनात हो रही हैं। फाइटर प्लेन से लेकर आईएनएस विक्रांत तक महिलाएं जाबांजी दिखा रही हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका ताजा उदाहरण हमारे सामने नाविका सागर परियोजना के रूप में है। इसके तहत नौसेना की दो बेटियों ने करीब 250 दिनों की समुद्री यात्रा पूरी की और धरती का चक्कर लगाया। हजारों किमी की यात्रा ऐसी नाव से की, जो मोटर से नहीं, बल्कि हवा से चलती है। उन दो बेटियाें ने हर मुसीबत को हराया है। इसने बता दिया है कि चुनौती कितनी भी बड़ी हो, भारत की बेटियां उस पर विजय पा सकती हैं। नक्सलियों के खिलाफ अभियान हो या सीमापार आतंकवाद हो, हमारी बेटियां भारत की सुरक्षा की ढाल बन रही हैं।

  • स्कूल के अभिभावकों की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल प्रबंधन और सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

    दिल्ली के मशहूर दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) द्वारका की मनमानी पर अब सुप्रीम कोर्ट की नजर है. स्कूल के अभिभावकों की शिकायत पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने स्कूल प्रबंधन और सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. अभिभावकों ने स्कूल पर अनैतिक तरीके से अतिरिक्त शुल्क वसूलने और नियमों की अनदेखी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. इसी मामले में आज सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जवाब मांगा है।

    डीपीएस द्वारका के अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि स्कूल सरकार से रियायती दर पर मिली जमीन का गलत फायदा उठा रहा है. याचिका में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर अनुचित और अप्रस्तावित शुल्क थोप रहा है. इतना ही नहीं, स्कूल ने एकतरफा फैसला लेते हुए 32 छात्रों का नाम तक अपनी सूची से हटा दिया. अभिभावकों के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि यह स्कूल की मनमानी का साफ उदाहरण है.

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ सरकार से जवाब तलब किया है. कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या निजी अनुदानरहित स्कूलों पर नियमावली लागू नहीं होती? याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली में दो तरह के स्कूल हैं. जिन स्कूलों को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने जमीन दी है, उनके लिए खास शर्तें लागू होती हैं, जिनका पालन डीपीएस द्वारका नहीं कर रहा.

    वहीं, स्कूल के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि यह मामला पहले से ही दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब हाई कोर्ट इसकी सुनवाई कर रहा है, तो अभिभावक सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) कैसे दायर कर सकते हैं? उनका कहना था कि यह प्रक्रियाओं को दरकिनार करने की कोशिश है.

    यह मामला अब स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों के हितों की रक्षा का अहम मुद्दा बन गया है. सुप्रीम कोर्ट का अगला कदम इस मामले में निजी स्कूलों के लिए नियमों को और स्पष्ट कर सकता है. अभिभावकों को उम्मीद है कि कोर्ट का फैसला उनके हक में होगा और स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी.

  • दिल्ली सरकार ने शुरू की ₹600 करोड़ की मेगा सड़क परियोजना, नजफगढ़ ड्रेन के किनारे बनेगा हरित कॉरिडो

    दिल्ली सरकार ने राजधानी की कनेक्टिविटी और सौंदर्यीकरण को नया आयाम देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नजफगढ़ ड्रेन (जिसे साहिबी नदी भी कहा जाता है) के दोनों किनारों पर ₹600 करोड़ की लागत से एक विशाल सड़क परियोजना की शुरुआत की है। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल इलाके की यातायात व्यवस्था को सुधारना है, बल्कि इस क्षेत्र को एक सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल हरित गलियारे (Green Corridor) में तब्दील करना भी है।

    क्या है इस परियोजना में खास?

    इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 60.77 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा:

    झटीकरा ब्रिज से छावला ब्रिज तक: 5.94 किलोमीटर लंबी दो लेन की सड़क बाईं ओर बनेगी।

    छावला ब्रिज से बसईदारापुर ब्रिज तक: दोनों किनारों पर 54.83 किलोमीटर लंबी दो लेन की सड़कें बनाई जाएंगी।

    ये सड़कें दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों से जुड़ाव बनाएंगी, जिनमें इनर रिंग रोड (बसईदारापुर), आउटर रिंग रोड (केशवपुर), पंखा रोड (विकासपुरी), नजफगढ़ रोड (ककरोला) और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे बड़े और व्यस्त रूट शामिल हैं। इस कॉरिडोर से लाखों नागरिकों को रोज़ाना के आवागमन में राहत मिलेगी और राजधानी के ट्रैफिक दबाव में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

    हरियाली, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर जोर

    यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं है – यह एक समग्र शहरी परिवर्तन की पहल है। इस ग्रीन कॉरिडोर के तहत:

    हरियाली और पौधारोपण को बढ़ावा दिया जाएगा।

    सार्वजनिक शौचालय, स्ट्रीट लाइट, स्ट्रीट फर्नीचर, वॉकवे और साइनबोर्ड्स जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    ड्रेनेज और सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल भी बनाई जाएंगी ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना या जलभराव की समस्या ना हो।

    कई क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ

    यह परियोजना विशेष रूप से पंजाबी बाग, पश्चिम विहार, निलोठी, बापरोला, ककरोला, नजफगढ़, द्वारका, विकासपुरी और छावला जैसे क्षेत्रों के लिए गेम चेंजर साबित होगी। इन इलाकों के लाखों निवासी अब बेहतर सड़क, तेज़ यात्रा और स्वच्छ पर्यावरण का लाभ उठा पाएंगे।

    भविष्य की सोच और दिल्ली का नया चेहरा

    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार लगातार राजधानी को एक “World Class City” में बदलने के प्रयास कर रही है। यह ग्रीन कॉरिडोर उसी सोच का एक अहम हिस्सा है – जहां विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधा को भी बराबर महत्व दिया गया है।

    सरकार का मानना है कि नजफगढ़ ड्रेन का उपयोग केवल नाली के रूप में नहीं बल्कि उसे एक सुंदर, उपयोगी और हरित स्पेस में बदलना आज की जरूरत है। यह परियोजना उसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

    SPT LIVE का निष्कर्ष:

    जहां एक ओर देशभर में शहरीकरण के नाम पर हरियाली और खुली जगहें खत्म हो रही हैं, वहीं दिल्ली सरकार का यह कदम एक प्रेरणादायक उदाहरण है – जिसमें विकास और प्रकृति दोनों को साथ लेकर चलने की सोच है। नजफगढ़ ड्रेन के किनारे बनने वाला यह हरित गलियारा न केवल दिल्ली की सूरत बदलेगा, बल्कि एक साफ, सुंदर और संगठित राजधानी के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाएगा।

  • धर्म बना धोखे का जरिया – दिल्ली के 9 करोड़ रुपये की ठगी का मामला

    नई दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ धर्म और आस्था को बहाना बनाकर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया गया। दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग (EOW) ने 44 वर्षीय मोहित वधवा उर्फ मनु को 9 मई को सुभाष नगर से गिरफ्तार किया। वधवा पर आरोप है कि उसने छतरपुर के बड़े मंदिर में एक सत्संग समूह से जुड़े श्रद्धालुओं को ‘हाई-रिटर्न इन्वेस्टमेंट’ का लालच देकर 9 करोड़ रुपये की ठगी की।

    पुलिस के मुताबिक, यह ठगी साल 2017 से 2020 के बीच की गई, जहाँ वधवा ने दुबई की कंपनियों में निवेश के नाम पर फर्जी योजनाएं बताकर कम से कम चार परिवारों से भारी रकम ऐंठ ली। शिकायतकर्ता गुरप्रीत कौर राय सहित अन्य पीड़ितों ने बताया कि वधवा ने न तो किसी प्रकार के निवेश से संबंधित दस्तावेज दिए और न ही कोई लाभांश लौटाया। सारी रकम उसने अपनी ऐशो-आराम की जिंदगी के लिए खर्च कर दी।

    EOW के डिप्टी कमिश्नर अमित वर्मा के अनुसार, वधवा ने पूछताछ में कुबूला कि वह ठगे गए पैसों का कुछ हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी में लगाता था, जबकि बाकी पैसों से आलीशान जीवन जी रहा था। वधवा केवल 12वीं तक पढ़ा हुआ है, लेकिन उसने धार्मिक आयोजनों के जरिए समुदाय में अपनी एक छवि बनाई और फिर उसी विश्वास का फायदा उठाकर करोड़ों की ठगी की।

    सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि वधवा ने न कोई कानूनी कागजात दिए, न ही कोई अनुबंध — फिर भी लोगों ने उस पर विश्वास करके अपनी जीवन भर की कमाई उसे सौंप दी। अधिकांश पीड़ित मध्यम वर्गीय परिवार हैं जिन्होंने अच्छे रिटर्न की उम्मीद में पैसे लगाए थे, लेकिन उन्हें मिली सिर्फ धोखे की कड़वी सच्चाई।

    इस मामले में 27 जुलाई 2021 को IPC की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 120-B (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की गई थी। शिकायत और अन्य पीड़ितों की गवाही के साथ-साथ वधवा के बैंक रिकॉर्ड की जांच से मामले की पुष्टि हुई। पुलिस का कहना है कि वधवा खुद को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सर्किल का विशेषज्ञ बताता था, जबकि उसके पास किसी तरह की वित्तीय शिक्षा नहीं है।

    अब पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या वधवा इस ठगी को अकेले अंजाम दे रहा था या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह भी है। इस बात की भी आशंका है कि कुछ रकम विदेशों में या फिर ब्लैक क्रिप्टो बाजार में भेजी गई हो सकती है।

    SPT LIVE पर हम लगातार इस मामले की हर अपडेट आप तक पहुँचाते रहेंगे

  • दिल्ली सरकार के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने लिखी चिट्ठी में सख्ती से कहा सांसदों-विधायकों के कॉल और मैसेज का तुरंत जवाब दें अधिकारी

    दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को अधिकारियों को सांसदों और विधायकों के कॉल या मैसेज का तुरंत जवाब देने का निर्देश दिया है। साथ ही ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा इस संबंध में मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र के बाद यह कदम उठाया गया है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मुख्य सचिव धर्मेंद्र को लिखे पत्र में कहा था कि उन्हें बताया गया है कि कुछ अधिकारी विधायकों के पत्रों, फोन कॉल और मैसेज का जवाब नहीं देते हैं। दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि मुख्य सचिव ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इसमें कहा गया है कि सरकार ने विधायकों और सांसदों के साथ व्यवहार करते समय पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल के संबंध में व्यापक निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (जीएडी) नवीन कुमार चौधरी द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि निर्देशों का अक्षरशः सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि ऐसा कोई मौका नहीं होना चाहिए कि विधायकों या सांसदों को ऐसी शिकायतें करने के लिए बाध्य होना पड़े। इन निर्देशों का पालन नहीं करने पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिकारी के मूल्यांकन में यह एक महत्वपूर्ण इनपुट होगा। परिपत्र में प्रशासन, सांसदों और विधायकों के आधिकारिक व्यवहार के बारे में एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी साझा की गई है, जिसे जीएडी ने 2020 में तैयार किया था। इसमें कहा गया है कि सांसद या विधायक से प्राप्त संचार पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए। एसओपी में कहा गया है कि सांसद या विधायक द्वारा मांगी गई सूचना प्रदान की जानी चाहिए, जब तक कि वह ऐसी प्रकृति की न हो कि उसे देने से इनकार किया जा सके।इसके अलावा इसमें कहा गया है कि सांसद या विधायक से प्राप्त प्रत्येक संचार की 15 दिनों के भीतर पावती दी जानी चाहिए। उसके बाद अगले 15 दिनों के भीतर उत्तर दिया जाना चाहिए।

  • महाकुम्भ नगर में शॉर्ट सर्किट से शिविर में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने तत्काल पाया काबू

    महाकुम्भ नगर, 07 फरवरी। महाकुम्भ के लिए योगी सरकार द्वारा पहले से ही व्यापक स्तर पर जो तैयारी की गई थी उसकी मदद से शुक्रवार को बड़ा हादसा टालने में प्रशासन को बड़ी मदद मिली। खास तौर पर मेला क्षेत्र में अग्निशमन को लेकर जो तैयारियां की गईं थीं उन्होंने अहम रोल निभाया। ओल्ड जीटी रोड स्थित महाकुम्भ नगर में शुक्रवार को स्वामी हरिहरानंद और सुखदेवानंद के शिविर में अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही तत्काल महाकुम्भ के फायर ब्रिगेड की एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पा लिया गया।

    चीफ फायर ऑफिसर प्रमोद शर्मा ने बताया कि आग इस्कॉन क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिससे 20 से 22 टेंट जल गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। दमकलकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई कर आग को फैलने से रोक लिया। घटना की जानकारी मिलते ही उत्तरी झूसी के जोनल पुलिस ऑफिसर, एडिशनल एसपी सर्वेश कुमार मिश्रा, स्थानीय पुलिस और मेला मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अधिकारियों को सूचित करें और महाकुम्भ नगर में तैनात कुछ फायर कर्मियो ने बताया कि पूरे महाकुम्भ नगर में 50 फायर स्टेशन और 20 फायर पोस्ट बनाए गये है जिसमे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 4300 फायर हाइड्रेंट, 321 आग पर नियंत्रण करने के लिए अग्निशमन वाहन और 2000 टेन्ड मैनपावर के तैनात किये गये है। जिसके चलते महाकुम्भ नगर चैकसी से तैनात फायर ब्रिगेड के जवानो की मुस्तेदी से बड़ा हदसा टल गया और इसमे राहत की बात तो यह है कि किसी भी प्रकार की कोई जन-जीवन की हानी नही हुई है।

    131.48 करोड़ के वाहन व उपकरणों को किया गया डिप्लॉय
    महाकुम्भ में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए इस बार योगी सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में 50 फायर स्टेशन और 20 फायर पोस्ट बनाए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 4,300 फायर हाइड्रेंट तैनात किए गए हैं। महाकुम्भ को अग्नि दुर्घटना रहित क्षेत्र बनाने के लिए योगी सरकार ने विभाग को 66.75 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जबकि विभागीय बजट 64.73 करोड़ है। इस प्रकार, कुल 131.48 करोड़ रुपए की लागत से वाहन व उपकरणों को महाकुम्भ मेला में अग्नि जनित दुर्घटनाओं से सुरक्षा के लिए डिप्लॉय किया गया है। इतना ही नहीं अलग-अलग प्रकार के 351 से अधिक अग्निशमन वाहन और 2000 से अधिक ट्रेन्ड मैनपावर को डिप्लॉय किया गया है। प्रत्येक अखाड़ों के टेंट्स को फायर फाइटिंग इक्विप्मेंट्स से भी लैस किया गया है। यहीं नहीं, मेले की शुरुआत से पूर्व एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ दर्जनों मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया, जिसका हादसे को रोकने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

     

  • दिल्ली चुनाव 2025: बीजेपी का संकल्प पत्र जारी, मुफ्त योजनाओं के बड़े ऐलान

    नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा पत्र के प्रमुख वादों को जनता के सामने रखा। इस बार बीजेपी ने मुफ्त योजनाओं को लेकर बड़े ऐलान किए हैं, जिनमें महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और गरीब परिवारों को ध्यान में रखा गया है।

    महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान–2,500 रुपये मासिक सहायता

    बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में महिला समृद्धि योजना की घोषणा की है। इसके तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पार्टी का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी जीवनशैली में सुधार लाने के लिए लाई जा रही है।

    बिजली, पानी और बस यात्रा मुफ्त
    घोषणा पत्र में बीजेपी ने वादा किया है कि अगर उनकी सरकार दिल्ली में बनती है, तो बिजली और पानी मुफ्त दिया जाएगा। इसके अलावा, महिलाओं के लिए बस यात्रा मुफ्त जारी रखने का भी ऐलान किया गया है।

    एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी और मुफ्त गैस
    बीजेपी ने गरीब परिवारों के लिए एलपीजी सिलेंडर पर 500 रुपये की सब्सिडी देने का वादा किया है। इसके अलावा, होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर एक-एक मुफ्त गैस सिलेंडर देने की भी घोषणा की गई है।

    वरिष्ठ नागरिकों के लिए बढ़ी पेंशन
    बीजेपी ने दिल्ली के वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखते हुए पेंशन राशि बढ़ाने का वादा किया है। 60 से 70 वर्ष के बुजुर्गों को 2,000 रुपये की पेंशन बढ़ाकर 2,500 रुपये की जाएगी। 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को दी जाने वाली पेंशन को 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये किया जाएगा।

    स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाएं
    बीजेपी ने आयुष्मान भारत योजना को भी विस्तार देने का वादा किया है। अब 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाकर 5 लाख 5 हजार रुपये किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री वय वंदन योजना में मिलने वाली राशि को 10 लाख रुपये तक बढ़ाने का ऐलान किया गया है।

    अन्य दलों का रुख
    दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने अभी अपने घोषणा पत्र जारी नहीं किए हैं। हालांकि, दोनों पार्टियों ने भी जनता से कई वादे किए हैं।

    AAP: मुफ्त बिजली, पानी और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जारी रखने का वादा। इसके अलावा, महिलाओं को 2,100 रुपये और पुजारियों व ग्रंथियों को 18,000 रुपये मासिक सहायता देने का ऐलान।

    कांग्रेस: महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने का वादा, साथ ही मुफ्त बिजली-पानी और बस यात्रा जारी रखने का ऐलान।

    SPT LIVE के विशेषज्ञों की रिपोर्ट: दिल्ली चुनाव 2025 में बीजेपी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के वादों के बीच मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। अब देखना होगा कि जनता किस पार्टी के संकल्पों पर भरोसा जताती है।

  • महाकुम्भ से पहले प्रयागराज में श्रद्धालुओं के लिए 10 से 15 इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करेगी योगी सरकार।

    प्रगराज: महाकुम्भ के दौरान श्रद्धालुओं को परिवहन सेवा सुलभ कराने के लिए योगी सरकार इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने जा रही है। महाकुम्भ से पहले प्रयागराज में 10 से 15 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा, जबकि 29 जनवरी को मौनी अवास्या के प्रमुख स्नान पर्व तक 30 और बसों को लखनऊ मुख्यालय से प्रयागराज भेज दिया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसें विभिन्न रूटों पर श्रद्धालुओं को परिवहन सेवा उपलब्ध कराएंगी और उनके सफर को आसान बनाएंगी। उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुम्भ में करोड़ों लोगों के आने का अनुमान है। ऐसे में ये इलेक्ट्रिक बसें परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

    उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के जीएम प्राविधिक अजीत कुमार सिंह ने बताया कि महाकुम्भ मेला के प्रारंभ होने से पूर्व 10 से 15 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रयागराज में शुरू हो जाएगा। वहीं, मौनी अमावस्या पर्व के पूर्व लगभग 30 से 40 बसें प्रयागराज पहुंच जाएंगी। इन बसों की सप्लाई स्विच मोबिलिटी द्वारा की जा रही है। बसों की लंबाई 12 मीटर है तथा एक चार्जिंग में यह लगभग 200 किलोमीटर से अधिक संचालित की जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि नई इलेक्ट्रिक बसें जो परिवहन निगम को प्राप्त हो रही हैं उनको सीधे प्रयागराज क्षेत्र ही भेजा जा रहा है। पूर्व में इनका प्री डिलीवी इंस्पेक्शन कानपुर में किया जाता था, लेकिन महाकुम्भ मेले के दृष्टिगत इन बसों का प्रयागराज क्षेत्र में ही प्रयाग डिपो के अंतर्गत चेकिंग की जाएगी तथा रजिस्ट्रेशन करने के उपरांत इनको वहीं पर संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज द्वारा मार्गो को चिन्हित कर लिया गया है, जिन पर इनका संचालन कराया जाएगा।

    प्रयागराज परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के लिए शहर और बाहर दोनों का रूट प्लान तैयार है। उन्होंने बताया कि नेहरू पार्क, बेला कछार और अंदावा समेत प्रयागराज में बसों की चार्जिंग की 4 जगह व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। मेला प्रशासन और पुलिस के द्वारा इनके रूट भी तय किए जा चुके हैं। पीक डेज में कुल 6 रूट्स पर बसों का संचालन होगा, जबकि सामान्य दिनों में 11 रूट्स पर इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। उन्होंने बताया कि बसों के आते ही उनका संचालन तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया जाएगा।

    परिवहन विभाग द्वितीय चरण में डबल डेकर बसें भी संचालित करेगा। विभाग को दूसरे चरण में कुल 120 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की संभावना है। इनमें से 20 बसें डबल डेकर होंगी तथा 100 बसें 9 मीटर और 12 मीटर की होगी। 20 डबल डेकर की आपूर्ति स्विच मोबिलिटी के अलावा अन्य दो प्रकार की बसों की आपूर्ति में पिनेकल मोबिलिटी प्रा. लि. द्वारा की जाएगी। महाकुम्भ के दौरान इन बसों का संचालन मुश्किल है।

  • पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निधन पर देश की राष्ट्रपति मुर्मु, PM मोदी सहित बीजेपी के सभी नेता हुए भावुक और सभी नेता ने अपना अपना शोक व्यक्त किया

    भारत प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन हो गया है। मनमोहन सिंह को गुरुवार को तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। रात को 9 बजकर 51 मिनट पर पूर्व प्रधानमंत्री का निधन हो गया। डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अनेक नेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

    क्या बोले पीएम मोदी?

    पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- “भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोक मना रहा है। साधारण परिवार से उठकर वह एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बने। उन्होंने वित्त मंत्री सहित विभिन्न सरकारी पदों पर कार्य किया और वर्षों तक हमारी आर्थिक नीति पर एक मजबूत छाप छोड़ी। संसद में वो काफी व्यावहारिक थे। हमारे प्रधानमंत्री के रूप में, उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए।”

    पीएम मोदी ने साझा की पुरानी यादें

    पीएम मोदी ने डॉक्टर मनमोहन सिंह के साथ पुरानी यादों को भी साझा किया। उन्होंने लिखा- “जब डॉ. मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे और मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तब मेरे और उनके बीच नियमित बातचीत होती थी। हम शासन से संबंधित विभिन्न विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श करते थे। उनकी बुद्धिमत्ता और विनम्रता सदैव झलकती रहती थी। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं डॉ. मनमोहन सिंह जी के परिवार, उनके दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं।

    उन्हें हमेशा याद किया जाएगा- राष्ट्रपति मुर्मू

    देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा- “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी उन बहुत कम राजनेताओं में से एक थे, जिन्होंने शिक्षा और प्रशासन की दुनिया में भी समान सहजता से काम किया। सार्वजनिक कार्यालयों में अपनी विभिन्न भूमिकाओं में, उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा, उनके बेदाग राजनीतिक जीवन और उनकी अत्यंत विनम्रता के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनका निधन हम सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। मैं भारत के सबसे महान सपूतों में से एक को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं और उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं।”

    अमित शाह ने जताया दुख

    पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन की सूचना अत्यंत दुःखद है। भारतीय रिजर्व बैंक में गवर्नर से लेकर देश के वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह जी ने देश की शासन व्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों व समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। वाहेगुरु जी उनकी आत्मा को सद्गति प्रदान करें और उनके परिवारजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।”

    जेपी नड्डा ने जताया शोक

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- “पूर्व प्रधानमंत्री एवं अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह जी का निधन देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वह एक दूरदर्शी राजनेता और भारतीय राजनीति के दिग्गज थे । सार्वजनिक सेवा में अपने उल्लेखनीय करियर के दौरान, उन्होंने लगातार वंचितों के कल्याण के लिए आवाज उठाई। उनके नेतृत्व ने सभी दलों में प्रशंसा और सम्मान अर्जित किया। मनमोहन सिंह जी की विरासत राष्ट्र निर्माण के लिए पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना। ॐ शांति।

    गहरा दुख हुआ- राजनाथ सिंह

    भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा- “भारत के पूर्व प्रधान मंत्री डॉ.मनमोहन सिंह जी के निधन से गहरा दुख हुआ। उन्होंने कठिन समय के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सेवा और बुद्धिमत्ता के लिए उनका व्यापक सम्मान किया जाता था। भारत की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना। ओम शांति!

    सीएम योगी बोले:- पूर्व प्रधानमंत्री एवं प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का निधन अत्यंत दुःखद एवं भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति है

    यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा- “पूर्व प्रधानमंत्री एवं प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का निधन अत्यंत दुःखद एवं भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति है। वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश की शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं उनके शोकाकुल परिजनों व समर्थकों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

    मनमोहन सिंह जी का निधन दुःखद- नीतीश कुमार

    बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने कहा- “देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का निधन दुःखद। वे एक कुशल राजनेता एवं अर्थशास्त्री थे। उनके नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली। डॉ॰ मनमोहन सिंह जी का निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए प्रार्थना है।

    नितिन गडकरी ने जताया शोक:-

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा- “देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन का समाचार सुनकर अतीव दु:ख हुआ। देश के वित्तमंत्री के रूप में भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य उन्होंने किया। उच्चशिक्षित होने के साथ साथ विनम्र, शालीन, संवेदनशील और देश के प्रति समर्पित ऐसा उनका व्यक्तित्व था। भाजपा अध्यक्ष के रूप में कई बार उनसे वार्तालाप करने का अवसर मिला। उनमें सदैव देश को आगे बढ़ाने की सोच थी। ये देश डॉ. मनमोहन सिंह जी को कभी भूल नही सकता। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को संबल दे। ॐ शांति।”

    मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने किया ट्वीट:- पूर्व प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन से, हमने एक महान विद्वान, अर्थशास्त्री और राजनेता खो दिया है।

    पूर्व प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन से, हमने एक महान विद्वान, अर्थशास्त्री और राजनेता खो दिया है। भारत के आर्थिक सुधारों में उनके योगदान, 10 वर्षों तक प्रधान मंत्री के रूप में हमारे देश की सेवा, को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना। ॐ शांति !

    रमन सिंह बोले:- देश के पूर्व प्रधानमंत्री और विद्वान अर्थशास्त्री श्री मनमोहन सिंह जी के निधन के समाचार से व्यथित

    छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा- “देश के पूर्व प्रधानमंत्री और विद्वान अर्थशास्त्री श्री मनमोहन सिंह जी के निधन के समाचार से व्यथित हूँ। वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री जैसे पदों पर रहकर उन्होंने राष्ट्र की सेवा में जो योगदान दिया, उसे भुलाया नहीं जा सकता है। उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि उनकी दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोक संतप्त परिजनों व समर्थकों को धैर्य और संबल प्रदान करें।”

  • महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना पर बड़ा विवाद, सरकार ने कहा योजनाएं अभी लागू ही नहीं हुई, अगर किसी को कोई कागज दिया तो हो सकता है बड़ा फ्रॉड

    नई दिल्ली: 25 दिसम्बर। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से घोषित मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली सरकार की ओर से अखबारों में विज्ञापन देकर बताया गया है कि मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना अभी अधिसूचित नहीं है। विज्ञापन में लोगों को संभावित फर्जीवाड़े से सावधान करते हुए कहा गया है कि किसी को बैंक खाते, वोटर कार्ड, आधार कार्ड जैसे दस्तावेज ना दें। वहीं, ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने मुख्यमंत्री आतिशी की गिरफ्तारी की आशंका जताई है। केजरीवाल ने घर-घर जाकर दोनों योजनाओं के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत की थी।

    दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से अखबारों में पब्लिक नोटिस निकालकर सावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि एक राजनीतिक दल की ओर से मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत 2100 रुपए मासिक देने का वादा किया जा रहा है। यह साफ किया जाता है कि ऐसी किसी योजना को दिल्ली सरकार की ओर से नोटिफाई नहीं किया गया है। इसी तरह संजीवनी योजना को लेकर भी कहा गया है कि यह अभी अधिसूचित नहीं है।

    महिला एवं बाल विकास विभाग ने कहा है कि जब भी ऐसी किसी योजना को अधिसूचित किया जाएगा। विभाग की ओर से आवेदन के लिए एक वेबसाइट को लॉन्च किया जाएगा। योग्यता की शर्तें और नियमों को भी साफ किया जाएगा। पब्लिक नोटिस में साफ किया गया है कि चूंकि ऐसी कोई योजना अभी है ही नहीं, इसलिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म/आवेदन का सवाल ही पैदा नहीं होता।

    नोटिस में कहा गया है कि यदि कोई शख्स/राजनीतिक दल ऐसे फॉर्म/आवेदन या आवेदकों की जानकारी एकत्रित कर रहे हैं तो यह फर्जीवाड़ा और बिना अधिकार के है। नागरिकों को सावधान किया जाता है कि बैंक अकाउंट डिटेल, वोटर कार्ड, फोन नंबर, पता या ऐसी किसी संवेदनशील जानकारी को साझा करने से उनके साथ फर्जीवाड़ा हो सकता है। अपराध, साइबर अपराध, बैकिंग धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं। दिल्ली के आम जनमानस को सवाधान किया जाता है कि अस्तित्व में मौजूद नहीं ऐसी किसी स्कीम पर ध्यान ना दें। महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह भी कहा है कि यदि कोई जानकारी साझा करता है और उसके साथ कोई धोखाधड़ी होती है तो विभाग जिम्मेदार नहीं।

    इसी तरह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर से ‘संजीवनी योजना’ पर सावधान किया गया है। पब्लिक नोटिस में कह गया है कि अभी योजना लागू नहीं है और इसके नाम पर किसी को किसी तरह की व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें। नोटिस में कहा गया है कि वोटर कार्ड, फोन नंबर, बैंक डिटेल आदि देने से फर्जीवाड़े का खतरा है। जब ऐसी स्कीम लागू होगी तो वेबसाइट लॉन्च किया जाएगा जिस पर लोग खुद अपना आवेदन कर सकते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में 60 साल से अधिक के सभी बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा की घोषणा की गई है। इसके लिए भी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन करने में जुटे हैं।

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