Category: Climate

  • दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश के अनुमान: मौसम विभाग

    नई दिल्ली। मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तर-पश्चिम भारत के लिए नया अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा के पास बने चक्रवाती दबाव के कारण 13 जून तक इस क्षेत्र में तेज बारिश हो सकती है। 11 और 12 जून को पंजाब, हरियाणा,राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 50–60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, आंधी-तूफान और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि के अनुमान हैं। विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आज मानसून कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ और इलाकों सहित तमिलनाडु और पुडुचेरी के बचे हुए हिस्सों में पूरी तरह दाखिल हो चुका है। इसके साथ ही मानसून ने पश्चिम बंगाल के कुछ और हिस्सों तथा बिहार के कुछ इलाकों में भी अपनी दस्तक दे दी है।

    मौसम विभाग ने मानसून की उत्तरी सीमा की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि यह रेखा वर्तमान में चेन्नई, सोलापुर (महाराष्ट्र), हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम (तेलंगाना) और कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से होते हुए रायगंज (पश्चिम बंगाल) और मधुबनी (बिहार) तक पहुंच चुकी है। आगामी दो-से-तीन दिनों के भीतर मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहने की उम्मीद है जिससे मानसून के मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र और कर्नाटक के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी जल्द ही मानसून के कदम आगे बढ़ाने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

    पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां पश्चिमी बंगाल के पहाड़ी इलाकों, तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भीषण लू का प्रकोप जारी रहा। पिछले 24 घंटों में देश में सबसे अधिक तापमान पंजाब के बठिंडा में 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। खराब मौसम को देखते हुए विभाग ने लोगों, खासकर शहरों और पहाड़ी इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश और तेज हवाओं से निचले इलाकों में पानी भरने, दृश्यता कम होने और कच्चे मकानों व बागवानी फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

    मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है कि वे 11 से 16 जून के बीच खराब समुद्री स्थिति और तेज हवाओं के कारण बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी, अंडमान सागर और अरब सागर के तटीय क्षेत्रों में न जाएं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और पके हुए फलों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें तथा खेतों में जलभराव को रोकने के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय और त्रिपुरा में धान की नर्सरी को बचाने के लिए ‘पॉलीथीन शीट’ का उपयोग करने को कहा गया है। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में अभी भी तापमान उच्च बना हुआ है और लू की स्थिति है, वहां के पशुपालकों को अपने मवेशियों को छायादार स्थानों पर रखने और उन्हें पर्याप्त मात्रा में साफ पानी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है।

  • दिल्ली-NCR में GRAP-4 प्रतिबंध हटाए गए, वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार

    दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार दर्ज किए जाने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-4 के तहत लगाए गए सख्त प्रतिबंधों को हटा लिया गया है। यह जानकारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने मंगलवार को दी।

    हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि GRAP के स्टेज-1, स्टेज-2 और स्टेज-3 के तहत लागू सभी पाबंदियां अभी भी प्रभावी रहेंगी।

    मंगलवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 378 दर्ज किया गया, जो कि ‘बहुत खराब (Very Poor)’ श्रेणी में आता है। इससे पहले सोमवार को AQI 410 और रविवार को 440 दर्ज किया गया था। शनिवार, 17 जनवरी को AQI के ‘सीवियर’ श्रेणी में पहुंचने के बाद GRAP-4 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू किए गए थे।

    CAQM की ओर से जारी बयान में कहा गया कि “अनुकूल मौसम परिस्थितियों और हवा की गति में बढ़ोतरी के कारण दिल्ली के AQI में सुधार देखा गया है और 20.01.2026 को यह 378 (‘Very Poor’) दर्ज किया गया। IMD और IITM के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी AQI इसी स्तर पर बने रहने की संभावना है।”

    आयोग ने आगे कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए 17 जनवरी 2026 को जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत GRAP-4 यानी ‘Severe+’ श्रेणी (AQI 450 से अधिक) के प्रतिबंध लागू किए गए थे।

    हालांकि अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि GRAP-3 और उससे नीचे के सभी उपाय जारी रहेंगे, ताकि प्रदूषण की स्थिति फिर से गंभीर न हो।

    मौसम विशेषज्ञों और पूर्वानुमान एजेंसियों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली का औसत AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही रहने की संभावना है।

    CAQM ने यह भी कहा कि “उप-समिति वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी और IMD/IITM के पूर्वानुमानों के आधार पर समय-समय पर समीक्षा कर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।”

  • दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग का साया, आनंद विहार का एक्यूआई 429 दर्ज

    नई दिल्ली: 23 अक्टूबर । दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को एक बार फिर स्मॉग की घनी चादर छाई रही, जिससे वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई। विशेष रूप से दिल्ली के आनंद विहार इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 429 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

    आनंद विहार के अलावा, दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है। बवाना, आशोक विहार और करणी सिंह शूटिंग रेंज जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर उच्च बना हुआ है। आया नगर और बुराड़ी क्रॉसिंग पर भी प्रदूषण का स्तर ‘बहुत खराब’ दर्ज किया गया।

    दिल्ली से सटा नोएडा भी इस गंभीर वायु प्रदूषण से अछूता नहीं है। नोएडा में एक्यूआई 319, सेक्टर-1 में 305 और सेक्टर-125 में 303 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आते हैं। नोएडा सेक्टर-62 में स्थिति थोड़ी बेहतर है; यहां का एक्यूआई 281 दर्ज किया गया। हालांकि, इस उच्च प्रदूषण स्तर के बीच गाजियाबाद के निवासियों को कुछ राहत की सांस मिली प्रतीत होती है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाजियाबाद में दिन भर स्मॉग छाया रहा, लेकिन वहां के एक्यूआई में दिल्ली और नोएडा के मुकाबले कुछ कमी देखी गई। फिर भी, हवा की गुणवत्ता अभी भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनी हुई है। इस समय दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ने के पीछे मौसम की स्थिति एक प्रमुख कारण है। हवा की गति कम होने और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक तत्व हवा में जमा हो रहे हैं।

    इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं और स्थानीय प्रदूषण स्रोत जैसे वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य और औद्योगिक उत्सर्जन भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं। ‘गंभीर’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी की वायु स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक मानी जाती है। इससे सांस संबंधी समस्याएं, आंखों में जलन, गले में खराश और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियों से बचें, मास्क पहनकर ही बाहर निकलें और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • दिल्ली में मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी, दिल्ली में 3 दिन बारिश और 2 दिन कोहरे की संभावना

    नई दिल्ली: दिल्ली के साथ ही एनसीआर के शहरों में विभिन्न जगहों पर सोमवार को सुबह के वक्त बूंदाबांदी के साथ मौसम बदल गया। मौजूदा वक्त में दिल्ली एनसीआर में बादल छाए हैं। हालांकि न्यूनतम तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं देखी गई है। दिल्ली में सुबह के वक्त न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सीजन के सामान्य तापमान से एक डिग्री कम है। मौसम विभाग ने दिल्ली और एनसीआर के शहरों में इस हफ्ते मौसम में बड़े फेरबदल का अनुमान जताया है।

    मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है। यही नहीं एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन पंजाब और हरियाणा के हिस्सों में नजर आ रहा है। एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण पश्चिम राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान पर एक्टिव है। यही नहीं मौसम विभाग का कहना है कि 27 दिसंबर से एक और पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र पर दस्तक देने का अनुमान है। यह पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों को भी प्रभावित करेगा।

    मौसम विभाग की मानें तो उक्त वेदर सिस्टमों के प्रभाव से दिल्ली, एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम यूपी के अलग अलग हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। यही नहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। दिल्ली की बात करें तो मौसम विभाग ने 24 और 25 दिसंबर को सुबह के समय अधिकांश स्थानों पर धुंध या मध्यम कोहरा छाए रहने का यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर घना कोहरा नजर आ सकता है। दिन में आसमान साफ रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने 27 और 28 दिसंबर को भी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में सुबह के वक्त धुंध या हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना जताई है। दिन में आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग की ओर से इन दो तारीखों पर भी यलो अलर्ट जारी किया गया है। 26 दिसंबर को भी दिल्ली में सुबह के वक्त धुंध या हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। देर रात को हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं।

    दिल्ली के उत्तरी दिल्ली, उत्तरी पूर्वी दिल्ली, उत्तरी पश्चिमी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली, दक्षिणी पूर्वी दिल्ली, नई दिल्ली, मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, शहादरा के इलाकों में 24 और 25 दिसंबर को सुबह के समय कोहरा छाए रहने जबकि 27 और 28 दिसंबर को बारिश या बौछारें पड़ने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 26 दिसंबर को भी दिल्ली के इन इलाकों में सुबह के वक्त धुंध या हल्का से मध्यम कोहरा पड़ने और रात को हल्की बारिश या बौछारें पड़ने का अनुमान है।

    वहीं एनसीआर के फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद जिलों में विभिन्न जगहों पर 24 और 25 दिसंबर को सुबह के समय कोहरा छाए रहने जबकि 27 और 28 दिसंबर को बारिश या बौछारें पड़ने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 26 दिसंबर को भी इन शहरों में रात के वक्त हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। दिल्ली में इस हफ्ते यानी 29 दिसंबर तक अधिकतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान के 7 से आठ डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

  • आंधी-तूफान के साथ 9 राज्यों में बारिश, 21 राज्यों में बारिश, शीतलहर, बर्फबारी और कोहरे की मौसम विभाग ने चेतावनी दी।

    देशभर में कड़ाके की ठंड ने लोगों के हाड़ कंपा रखे हैं। कहीं माइनस में तापमान है तो कहीं शीतलहर से लोग ठिठुर रहे हैं। कहीं बारिश के कारण लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। बीते दिन उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में धारचूला में लैंडस्लाइड हुआ, जिसने नेशनल हाईवे ब्लॉक कर दिया। जम्मू-कश्मीर में 40 दिन वाली कड़ाके की ठंड का दौर चिल्लई कलां शुरू हो गया है। श्रीनगर में तापमान 133 साल में तीसरी बार -8.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ है। उत्तर भारत शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है। दक्षिण भारत में बारिश का कहर है।

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 दिसंबर तक के लिए मौसम का अपडेट दिया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के साथ पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से मौसम करवट लेगा। 27 से 31 दिसंबर तक पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी होगी और मैदानी राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होगी, जिससे गलन वाली ठंड देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं कि देशभर में मौसम कैसा है और आगे मौसम कैसा रहने वाला है?

    देश में ताजा मौसमी परिस्थतियां

    मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम मध्य और दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर वाला एरिया था, जो पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित हो गया है। यह मौसमी परिस्थतियां विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 430 किलोमीटर दूर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में, चेन्नई (तमिलनाडु) से 480 किलोमीटर दूर पूर्व-उत्तरपूर्व और दक्षिण-गोपालपुर (ओडिशा) से 590 किलोमीटर दूर हैं।

    अब इस सिस्टम के पूर्व-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है, जो अगले 12 घंटों में समुद्र के ऊपर धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन दक्षिणी राजस्थान और उसके आसपास निचले क्षोभमंडल स्तर पर स्थित है। मध्य क्षोभमंडल स्तर पर एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ इराक के ऊपर स्थित है।

    इन राज्यों में बरसेंगे बादल

    इन मौसम परिस्थतियों के कारण तटीय आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। 26 दिसंबर की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है।

    28 दिसंबर तक अरब सागर के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी से नमी से भरी हवाएं उठेंगी, जिससे पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में भारी बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और मध्य भारत में भी छिटपुट से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान में भी आंधी तूफान के साथ ओलावृष्टि होने की भी संभावना है।

    यहां चलेगी शीतलहर, छाएगा कोहरा

    मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में शीतलहर के साथ घना कोहरा छा सकता है।

    दिल्ली में बारिश होने के आसार

    मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में हल्के कोहरे के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पिछले दिनों शीतलहर के कारण सूखी ठंड पड़ने से न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक पहुंच गया था। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।

  • दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’, 24 घंटे का औसत AQI 409 दर्ज

    दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ हो गई, 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 409 दर्ज किया गया। शनिवार को राजधानी का AQI 370 के साथ ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया था।
    शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच को ‘बहुत खराब’ तथा 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ माना जाता है।


    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 24.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
    शहर में सुबह कोहरा छाया रहा और आर्द्रता का स्तर 68 से 97 प्रतिशत के बीच रहा।
    आईएमडी ने सोमवार को आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश का अनुमान जताया है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 20 और 7 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
    दिल्ली-एनसीआर में GRAP 4 प्रतिबंध लागू
    दिल्ली-एनसीआर में लागू GRAP 4 प्रतिबंधों के बीच राजधानी में वायु गुणवत्ता में गिरावट जारी है। 16 दिसंबर को, केंद्र के वायु गुणवत्ता पैनल ने शीतकालीन वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना के तहत GRAP IV प्रतिबंध लगाए, जिसमें सभी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध शामिल है। सर्दियों के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत चरण 4 प्रतिबंधों में दिल्ली में गैर-जरूरी सामान ले जाने वाले प्रदूषणकारी ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध और दसवीं और बारहवीं कक्षाओं को छोड़कर स्कूली कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में अनिवार्य रूप से स्थानांतरित करना भी शामिल है।
    संशोधित जीआरएपी कार्यक्रम के अनुसार, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में कक्षा VI-IX और XI के छात्रों के लिए कक्षाएं चरण 4 के तहत हाइब्रिड मोड (भौतिक और ऑनलाइन) में संचालित होनी चाहिए।
    स्टेज 3 के तहत ग्रेड V तक की कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में स्थानांतरित करना आवश्यक है। माता-पिता और छात्रों के पास जहाँ भी उपलब्ध हो, ऑनलाइन शिक्षा चुनने का विकल्प है

  • दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’, 24 घंटे का औसत AQI 409 दर्ज

    दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ हो गई, 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 409 दर्ज किया गया। शनिवार को राजधानी का AQI 370 के साथ ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया था।
    शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच को ‘बहुत खराब’ तथा 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ माना जाता है।
    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 24.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
    शहर में सुबह कोहरा छाया रहा और आर्द्रता का स्तर 68 से 97 प्रतिशत के बीच रहा।
    आईएमडी ने सोमवार को आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश का अनुमान जताया है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 20 और 7 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
    दिल्ली-एनसीआर में GRAP 4 प्रतिबंध लागू
    दिल्ली-एनसीआर में लागू GRAP 4 प्रतिबंधों के बीच राजधानी में वायु गुणवत्ता में गिरावट जारी है। 16 दिसंबर को, केंद्र के वायु गुणवत्ता पैनल ने शीतकालीन वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना के तहत GRAP IV प्रतिबंध लगाए, जिसमें सभी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध शामिल है। सर्दियों के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत चरण 4 प्रतिबंधों में दिल्ली में गैर-जरूरी सामान ले जाने वाले प्रदूषणकारी ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध और दसवीं और बारहवीं कक्षाओं को छोड़कर स्कूली कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में अनिवार्य रूप से स्थानांतरित करना भी शामिल है।
    संशोधित जीआरएपी कार्यक्रम के अनुसार, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में कक्षा VI-IX और XI के छात्रों के लिए कक्षाएं चरण 4 के तहत हाइब्रिड मोड (भौतिक और ऑनलाइन) में संचालित होनी चाहिए।
    स्टेज 3 के तहत ग्रेड V तक की कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में स्थानांतरित करना आवश्यक है। माता-पिता और छात्रों के पास जहाँ भी उपलब्ध हो, ऑनलाइन शिक्षा चुनने का विकल्प है

  • दिल्ली के वायु प्रदूषण में अभी सुधार नहीं, 363 रहा औसत AQI

    नई दिल्ली: 09 नवंबर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का वायु प्रदूषण लगातार बरकरार है। यहां की दमघोंटू हवा से अभी लोगों को निजात नहीं मिल रहा है। शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 363 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में माना जाता है।

    केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में शनिवार सुबह 6:15 बजे तक औसत एक्यूआई 363 अंक बना हुआ है। जबकि दिल्ली एनसीआर के शहर फरीदाबाद में 226, गुरुग्राम में 263, गाजियाबाद में 296, ग्रेटर नोएडा में 284 और नोएडा में 266 एक्यूआई बना हुआ है।

    वहीं, राजधानी दिल्ली के चार इलाकों में एक्यूआई लेवल 400 से ऊपर बना हुआ है, जिसमें बवाना में 412, न्यू मोती बाग में 410, रोहिणी में 407 और विवेक विहार में 403 एक्यूआई दर्ज किया गया।

    दिल्ली के अधिकांश इलाकों में एक्यूआई लेवल 300 से ऊपर 400 के बीच में बना हुआ है। अलीपुर में 388, आनंद विहार में 397,आया नगर में 353, मथुरा रोड में 340, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 388, द्वारका सेक्टर 8 में 365, आईजीआई एयरपोर्ट में 339, आईटीओ में 360 और जहांगीरपुरी में 393 एक्यूआई दर्ज किया गया।

    इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 340, लोधी रोड में 326, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 390, मंदिर मार्ग में 370, मुंडका में 383, नजफगढ़ में 369, नरेला में 392, राजेंद्र नगर में 395, एनएसआईटी द्वारका में 369, पटपड़गंज में 390, पंजाबी बाग में 400, आरके पुरम में 377, पूषा में 333, शादीपुर में 389, सिरी फोर्ट में 371, सोनिया बिहार में 393 और वजीरपुर में 400 एक्यूआई बना हुआ है।

    बता दें कि इससे एक दिन पहले केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में शुक्रवार सुबह 7:30 बजे तक औसत एक्यूआई 383 दर्ज किया गया था।

  • पटाखों पर सख्ती चाहती है दिल्ली सरकार, दिवाली से पहले LG को लेटर

    दिल्ली में दिवाली से पहले आम आदमी पार्टी सरकार ने एलजी वीके सक्सेना से अपील की है कि प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस को निर्देश दिया जाए। एलजी को यह लेटर ऐसे समय पर लिखा गया है जब एक सर्वे में सामने आया है कि प्रतिबंध के बावजूद बड़ी संख्या मे लोग आतिशीबाजी की तैयारी में जुटे हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि दिल्ली में कई जगह पटाखों की बिक्री हो रही है।पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एलजी वीके सक्सेना को लिखे लेटर में अपील की है कि जो लोग पटाखों की अवैध बिक्री और वितरण में शामिल हैं उनके खिलाफ तेजी से और सख्त ऐक्शन लिया जाए। उन्होंने कहा है कि दिल्ली पुलिस को लगातार निगरानी करनी चाहिए और दिल्ली की सीमाओं पर जांच बढ़ा देनी चाहिए। गोपाल राय ने एलजी को लिखे लेटर में कहा है कि पटाखे ना सिर्फ पर्यावरण पर बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और सांस रोग से पीड़ित लोगों को बुरी तरह प्रभावित करता है। इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने 14 अक्टूबर को दिल्ली में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। उन्होंने कहा, ‘मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए मेरे संज्ञान में आया है कि प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली के कई बाजार में पटाखों की बिक्री हो रही है। दिल्ली और हरियाणा के बॉर्डर से ये पटाखे आ रहे हैं।’गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली पुलिस और कानून अनुपालन एजेंसियों ने पटाखों पर प्रतिबंध को गंभीरता से नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि दिवाली के दौरान आतिशबाजी से वायु प्रदूषण बढ़ेगा और दिल्ली के निवासियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर होगा। उन्होंने एलजी से सख्त ऐक्शन की अपील करते हुए लिखा, ‘मैं आपसे गुजारिश करता हूं कि पटाखों की अवैध बिक्री और वितरण में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत और सख्त ऐक्शन हो। दिल्ली पुलिस को पटाखों की रिटेल बिक्री करने वालों की नियमित जांच करनी चाहिए और दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेडिंग करते हुए वाहनों की तलाशी ली जाए।’
  • दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने खराब हवा से बचने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की की अपील

    नई दिल्ली: 25 अक्टूबर। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी लोगों से खराब हवा के संपर्क में आने से बचने और इन दिनों सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने को कहा है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रयास करते रहना भी जरूरी है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बढ़ चुका है। यहां प्रदूषण का स्तर लगातार ‘खराब श्रेणी’ में बना हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे सेहत के लिए कई प्रकार से चुनौतीपूर्ण मान रहे हैं। दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) लगातार 300 से अधिक बना हुआ है। विशेषज्ञ कहते हैं, दीपावली के बाद एक्यूआई के और भी खराब होने की आशंका जताई जा रही है। 

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी लोगों से खराब हवा के संपर्क में आने से बचने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने को कहा है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है। कई शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के मद्देनजर सरकार ने सभी राज्यों से इस खतरे से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का आग्रह किया है।

    त्योहारों के मौसम और सर्दियों की शुरुआत में वायु प्रदूषण के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। प्रदूषण से बचे रहना सभी लोगों की सेहत को ठीक रखने के लिए बहुत जरूरी है।

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचने का भी आग्रह किया है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ. अतुल गोयल ने पराली और कचरा न जलाने, त्योहारों के दौरान पटाखे का इस्तेमाल कम करने, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और डीजल-आधारित जनरेटर का इस्तेमाल कम करने की अपील की है। ये सभी प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले कारक माने जाते हैं, जिनका उपयोग कम करके प्रदूषण के स्तर को कुछ  हद तक कम किया जा सकता है।

Exit mobile version